मुजफ्फरपुर। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शिवदास पांडेय के निधन की सूचना मिलते ही लोगों में शोक की लहर फैल गई। स्वजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। वे अपनी पांच बेटियां वंदना विजयालक्ष्मी, अर्चना प्रियदर्शी, आराधना सुभाषिणी, उपासना मधुवासिनी व भावना सुभाषिणी को वे पंचशक्ति का स्वरूप मानते थे। सारण जिला अंतर्गत जयी छपरा, मांझी गांव के एक मध्यमवर्गीय आर्य समाजी परिवार में जन्मे डॉ.शिवदास ने अपने जीवन काल में कई महत्वपूर्ण ग्रंथों, उपन्यासों व काव्य कृतियों की रचनाएं की। अंग्रेजी में भी कई पुस्तकें व प्रेम गीत लिखें। व्यंग्य लेखन में भी इनकी महारत रही। उनकी रचनाओं में 'चाणक्य तुम लौट आओ', 'गौतम गाथा', 'कुरुक्षेत्र में कवि', 'सुबह के सितारे', 'द्रोणाचार्य', 'मै हूं नचिकेता', 'नदी प्यासी', 'सागर मथा कितनी बार' प्रमुख हैं। प्रेम भाव के श्रेष्ठ गीतकार के रूप में वे संपूर्ण हिदी जगत में प्रतिष्ठित हुए। उनकी अद्यतन रचना 'दी गोल्डेन फिश' काफी सराही गई। वे एक और कालजई रचना 'जगद्गुरु आदि शकराचार्य' के लेखन में लगे थे।

राष्ट्रीय एकता पुरस्कार व साहित्य विभूषण सम्मान के अलावा केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की ओर से इन्हें साधना सम्मान हासिल था।

सदा रहेंगे यादों में रचे-बसे

आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हेम नारायण विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष राकेश कुमार साहू, मुकेश कुमार शर्मा, संजय कुमार मयंक, रवि कुमार आदि ने कहा कि डॉ. शिवदास पाडेय साहित्यप्रेमियों, सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं की यादों में सदा रचे-बसे रहेंगे। अखिल भारतीय संत समिति व गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती, बाबा लक्ष्मेश्वर बैद्यनाथ मंदिर के संस्थापक सचिव पंडित कमलापति त्रिपाठी 'प्रमोद', चाणक्य विद्यापति सोसाइटी के अध्यक्ष पंडित विनय पाठक, संरक्षक शभूनाथ चौबे, अजयानंद झा, पिंकू झा, भूषण झा, संकेत मिश्रा आदि ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। उधर, सासद अजय निषाद, युवा जदयू नेता अनुपम कुमार, प्रो.शब्बीर अहमद, प्रो.धनंजय सिंह, अखिलेश सिंह, भाजपा नेता मनीष कुमार, केशव चौबे, सौरव कुमार साहब, डॉ.एकबाल मोहम्मद शमी आदि ने भी शोक प्रकट किया है। डीएवी खबड़ा के प्राचार्य डॉ.एमके झा व शिक्षिका डॉ.आरती चौधरी ने कहा कि वे जीवन के अंतिम समय तक साहित्य सृजन करते रहे। सिंडिकेट सदस्य प्रो.धनंजय ने कहा कि उनमें साहित्य सृजन की अद्भुत क्षमता थी।

संस्कार भारती ने जताया शोक

इधर, संस्कार भारती ने भी अपने उत्तर बिहार के पूर्व प्रातीय अध्यक्ष व निगम के प्रशासक रहे डॉ.शिवदास पांडेय के निधन पर संस्था के सदस्यों ने शोक जताया है। शोक व्यक्त करने वालों में प्रांतीय अध्यक्ष डॉ.रिपुसूदन श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष डॉ.ममता रानी, सचिव प्रभात कुमार, डॉ.संजय कुमार, विजय, सतीश कर्ण, उमाशकर केसरी, गणेश प्रसाद सिंह, रेणु सिंह, उषा किरण, सुबोध कुमार, मनीषा सिन्हा, प्रिंसु मोदी, डॉ.पल्लवी सिन्हा, डॉ.शोभना चंद्रा, डॉ.पंकज कर्ण, सौरभ कौशिक आदि शामिल हैं।

हिदी साहित्य सम्मेलन

की स्थापना का जाता श्रेय

जिला हिदी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री डॉ.शारदाचरण व संरक्षक विमल कुमार लाभ ने बताया कि जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना और विकास का श्रेय उन्हीं को जाता है। नवयुवक समिति ट्रस्ट के ट्रस्टी आयुर्वेदाचार्य नागेंद्र नाथ ओझा ने बताया कि उनके निधन से साहित्याकाश का एक सितारा टूट गया।

सीनियर सिटीजंस कौंसिल

ने भी जताया शोक

सीनियर सिटीजंस कौंसिल के अध्यक्ष रामनाथ प्रसाद सिंह, महामंत्री त्रिलोकी प्रसाद वर्मा, एचएल गुप्ता, डॉ.रामजी प्रसाद, डॉ.एचएन भारद्वाज, डॉ.एनकेपी सिंह, आरकेपी ठाकुर, बीबी सिन्हा, देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, उदय नारायण सिंह आदि ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने कार्यो व कुशल व्यवहार से सबका दिल जीतते रहते थे। उधर, भारतीय दलित साहित्य अकादमी की ओर से शोक जताने वालों में सत्येंद्र कुमार सत्येन, रामवृक्ष राम चकपुरी, जयमंगल राम, पूर्व मंत्री डॉ.शीतल राम, पूर्व अपर समाहर्ता जयनंदन प्रसाद, डॉ.वीरेंद्र चौधरी, डॉ.शिव कुमार राम, उमाशंकर दास, राम उचित पासवान आदि शामिल हैं।

Posted By: Jagran

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