मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कर्मचारी मंगलवार को पूर्व उपाध्यक्ष रंजन कुमार के निलंबन वापसी की माग को लेकर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। विवि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामकुमार व सचिव कुंदन कुमार की ओर से सोमवार को कुलपति को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया है। विवि प्रशासन ने टीआर व अंक पत्र में टेंपरिंग के आरोप में परीक्षा विभाग में तैनात रहे रंजन कुमार को निलंबित कर दिया था। संघ का आरोप है कि विवि ने अन्य दोषियों को बचाने के लिए रंजन को निलंबित किया है। संघ ने विवि को सोमवार तक निलंबन वापस लेने का समय दिया था, लेकिन कोई पहल नहीं हो सकी। सामूहिक अवकाश के बाद भी कोई निर्णय नहीं होने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

कई टेबुलेटर आ सकते कार्रवाई के दायरे में

टीआर टेंपरिंग के मामले में विवि प्रशासन सख्ती के मूड में है। अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर एक कर्मचारी को निलंबित किया जा चुका है। जाच प्रक्रिया पूरी होने तक कई टेबुलेटर कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। स्नातक पार्ट टू 2016 के रिजल्ट में टीआर व मा‌र्क्सशीट पर टेंपरिंग की गई थी, जिस पर टेबुलेटरों के भी हस्ताक्षर हैं। वहीं फर्जी हस्ताक्षर होने की बात भी सामने आई है। विवि को अनिश्चिकालीन बंद कराने की चेतावनी

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय प्रशासन सोमवार तक पीआरटी पर कोई फैसला नहीं लिया तो आंदोलन किया जाएगा। विवि को अनिश्चितकालीन बंद कराया जाएगा। उक्त बातें छात्र हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता सह विश्वविद्यालय अध्यक्ष संकेत मिश्रा एवं छात्र लोजपा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष गोल्डेन सिंह ने संयुक्त बयान में कहीं। कहा कि बिहार विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव होने के बावजूद छात्रों को लोकतात्रिक अधिकार विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा नहीं दिया जा रहा । वहीं विश्वविद्यालय में कोई भी काम सुचारु रुप से नहीं चल रहा। विवि का गेट आगे की ओर खुलता था। वह अब पीछे की तरफ खुल रहा है। ऐसे में मोतिहारी, बेतिया, सीतामढ़ी, हाजीपुर से आने वाले छात्र निराश होकर रह जाते हैं। कई छात्र विवि में प्रवेश नहीं कर पाते है। विवि प्रशासन छात्रों की समस्याओं सोमवार तक दूर नहीं कर सकेंगे तो आगे अनिश्चितकालीन तालाबंदी एवं हड़ताल किया जाएगा।

Posted By: Jagran