पूर्वी चंपारण, जेएनएन। तुरकौलिया प्रखंड क्षेत्र के शंकर सरैया गांव के कसबा टोला में बुधवार की सुबह भूमि विवाद को लेकर की गई अधाधुंध फायरिंग में जहां एक व्यवसायी की मौत हो गई वहीं उसकी पत्नी गंभीर रुप से घायल हो गई। वह मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में जीवन व मौत से जूझ रही है। घटना से आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। गुस्साए लोगों ने पुलिस का विरोध करते हुए आरोपित के परिजनों को उनके घर में कैद कर लिया। घटना की सूचना पर पहुंची तीन थानों की पुलिस ने किसी प्रकार स्थिति को नियंत्रित किया। काफी मशकक्त के बाद आरोपितों के परिजनों को पुलिस ने मुक्त करा अपनी अभिरक्षा में लिया।

 घटना के बाद सभी आरोपित फरार होने में कामयाब रहे। मृतक भगवान पाण्डेय उर्फ सुबोध पाण्डेय (40) लोहा बिल्डिंग का काम करता था। सुबोध को तीन गोली लगी थी। गोली की आवाज सुनकर जब उसकी पत्नी वीणा पाण्डेय बाहर निकली तो आरोपितों ने उसपर भी गोली बरसा दी, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गई। घायल महिला का मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है। घटना का कारण भूमि विवाद बताया जा रहा है। घटना के बाद से इलाके में सनसनी व्याप्त है।

 मामले में मृतक के भाई प्रमोद पांडेय ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें सोनू पांडेय, झुन्नू पांडेय, सोनू पांडेय की पत्नी रीना देवी, बहन पूजा कुमारी व स्मृति कुमारी को नामजद किया गया है। थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि नामजद अभियुक्त रीना देवी, पूजा कुमारी व स्मृति कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य अभियुक्तों के गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। बताया जाता है कि सुबोध अहले सुबह करीब साढ़े छह-सात बजे बाइक से अपने प्रतिष्ठान पर जा रहे थे। वह घर से कुछ कदम आगे बढ़ा ही था कि आरोपितों ने उसे अपने घर के सामने घेर लिया और धारदार हथियार से उसके शरीर पर वार दिया।

 इसके बाद उसपर गोलियों की बौछार कर दी गई। इससे सुबोध वहीं ढेर हो गए। इसके बाद गोली की आवाज सुनकर उसकी पत्नी भी वहां पहुंच गई मगर आरोपितों ने इसके बाद भी रहम नहीं किया और उसपर भी फायङ्क्षरग कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इसके बाद आरोपित अपने घर जाकर बैग आदि के साथ भाग खड़े हुए। बाद में लोगों ने उनके घर को घेर लिया।

 घटना की सूचना पर डीएसपी मुरली मनोहर मांझी, इंस्पेक्टर आनंद कुमार, तुरकौलिया थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र, रघुनाथपुर ओपी के प्रभारी संदीप कुमार, कोटवा थानाध्यक्ष अभय कुमार सदलबल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों की ओर से घर में बंधक बनाये गये आरोपित के परिजन जिसमें सभी महिलाएं थी उन्हें सुरक्षित मुक्त कराया और थाना लेकर आए। मौके पर पहुंचकर हरसिद्धि के विधायक राजेन्द्र राम ने पीडि़त परिवार को सांत्वना दी। यहां बता दें कि सुबोध पर आरोपित पहले भी वर्ष 2004 व 2010 में हमला कर चुके हैं। 

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