मुजफ्फरपुर, जासं। नया डिग्री कालेज खोलने के लिए सरकार ने अबतक पोर्टल ही नहीं खोला है जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर तक है। आवेदन की प्रक्रिया में विलंब होने से नए कालेज संचालकों को अगले सत्र में नामांकन लेने से वंचित होना पड़ सकता है। कालेज संचालक कई महीने से प्रस्ताव तैयार कर पोर्टल खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार से स्वीकृति लेने के लिए 15 सितंबर तक नए कालेजों को आवेदन करना होता है। इसके बाद विवि के विभिन्न निकायों से स्वीकृति, भौतिक सत्यापन के बाद सरकार को रिपोर्ट भेजी जाती है। 15 जनवरी तक सरकार उसे स्वीकृत या अस्वीकृत कर विवि को रिपोर्ट भेजती है। नामांकन की अनुमति मिलने पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस कालेजों में आधारभूत संरचना के आधार पर विषयवार सीट स्वीकृत किए जाते हैं। बता दें कि पिछले दो वर्षों से कोरोना संक्रमण के कारण कालेजों को काफी विलंब तक आवेदन की स्वीकृति मिली। इसका नतीजा हुआ कि आवेदन के लिए विवि का पोर्टल बंद हो गया और मेधा सूची जारी कर दी गई। इस कारण नव स्वीकृति वाले कई कालेजों में एक भी नामांकन नहीं हो सका। 

पैट के आवेदनों की स्क्रूटनी पूरी, साक्षात्कार की तिथि इसी सप्ताह

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी एडमिशन टेस्ट-2020 के परिणाम पर की गई आपत्ति की स्क्रूटनी का कार्य पूरा हो गया है। एक से दो दिनों में अधिकारियों की बैठक के बाद सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार का कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। पैट के नोडल पदाधिकारी प्रो.प्रमोद कुमार ने बताया कि गठित कमेटी ने अभ्यर्थियों की ओर से की गई आपत्ति को गौर से देखा। इसमें कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन में उनका पक्ष सही मिला। जबकि अधिकतर में छात्रों का दावा निराधार था। जिन छात्रों का दावा सही है उनके परिणाम को लेकर एजेंसी से कारण पूछा गया है। अधिकारियों की बैठक में इसपर विचार होगा। जबकि, इसी सप्ताह में विषयवार सफल अभ्यर्थियों के लिए साक्षात्कार की तिथि जारी कर दी जाएगी। बताया कि इस सत्र में 1414 सीटों के लिए पैट आयोजित की गई थी। इसमें नेट उत्तीर्ण और पैट उत्तीर्ण को मिलाने के बाद भी करीब 250 कम अभ्यर्थी सफल हुए हैं। कुछ विषयों में सीट आठ से दस गुणा अधिक अभ्यर्थी सफल हुए हैं। साक्षात्कार के बाद जो सीटें रिक्त रह जाएंगी उन्हें पैट-2021 में जोड़ दिया जाएगा।

 

Edited By: Ajit Kumar