मुजफ्फरपुर, जासं। बीआए बिहार विश्वविद्यालय के धरना स्थल पर बुधवार को सुबह से ही नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया। यहां अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे डा.गगनदेव यादव के समर्थन में सुबह में ही कई विधायक भी पहुंचे। नगर विधायक विजेंद्र चौधरी, कांटी विधायक इसराइल मंसूरी, मीनापुर विधायक मुन्ना यादव, गायघाट विधायक निरंजन राय, कुढऩी विधायक अनिल सहनी सुबह अनशन स्थल पर पहुंचे। डा.गगनदेव का हाल जाना और इसके बाद सभी कुलपति से वार्ता के लिए पहुंचे। काफी देर तक विवि के पदाधिकारियों और कुलपति के साथ वार्ता के बाद सभी धरना स्थल पर पहुंचे। कुछ देर बाद कुलपति भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने डा.गगनदेव को आश्वासन दिया कि 15 सितंबर से उनके बचे हुए कार्यकाल के 15 दिनों के लिए अर्थशास्त्र विभाग का अध्यक्ष बनाया जाएगा। इसके बाद डा.गगनदेव ने अनशन समाप्त कर दिया। कुलपति प्रो.हनुमान प्रसाद पांडेय ने बताया कि जनप्रतिनिधियों की ओर से वार्ता के बाद 15 सितंबर से गगनदेव यादव को अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष की कुर्सी देने का निर्णय लिया गया है। विवि की नियमावली के आधार पर रास्ता निकाला जा रहा है। डा.गगनदेव के पद और प्रतिष्ठा का पूरा ख्याल रखा जाएगा। वहीं डा.गगनदेव ने कहा कि सिस्टम को अब भी अपनी गलती का बोध नहीं हुआ है। कहा कि अन्याय के खिलाफ वे आगे भी आवाज उठाते रहेंगे। इस दौरान छात्र राजद के निवर्तमान विवि अध्यक्ष चंदन आजाद, मनोज राय, रमेश गुप्ता, अमरेंद्र कुमार, नीतीश कुमार आदि भी मौजूद थे।

मनोविज्ञान विभाग को कराया बंद, कुलपति आवास पर प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की ओर से एक सप्ताह पूर्व जारी पीजी द्वितीय सेमेस्टर के परिणाम में गड़बड़ी के खिलाफ बुधवार को भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन जारी रहा। छात्र-छात्राओं ने सुबह में ही मनोविज्ञान समेत अन्य विषयों में प्रवेश के लिए बनाए गए मुख्य द्वार को बंद कर दिया। शिक्षकों और कर्मचारियों को बाहर कर छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी की। बाहर में टायर जलाकर विद्यार्थियों ने विवि के कर्मचारियों व पदाधिकारियों पर आरोप लगाया। दीपक कुमार, मनोज पांडेय, रुपेश कुमार, कुंदन आदि ने कहा कि कापी जांच में गड़बड़ी की गई है। परीक्षा के छह महीने बाद भी विवि ने परिणाम जारी किया इसके बाद भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण है। छात्र-छात्राएं यहां विभागों को बंद करवाने के बाद कुलपति आवास पहुंचे। छात्र-छात्राएं कुलपति से मिलना चाह रहे थे पर वहां सुरक्षाकर्मियों के रोकने पर सभी आक्रोशित हो गए। यहां कुलपति व विवि प्रशासन के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर परिणाम सुधारकर जारी नहीं किया जाता है तो बड़े स्तर पर विवि में आंदोलन होगा। अधिकारियों की ओर से बताया गया कि शीघ्र ही परीक्षा बोर्ड की बैठक बुलाकर इसपर विचार कर परिणाम ठीक कर दिया जाएगा।  

Edited By: Ajit Kumar