BRABU में 1234 करोड़ से अधिक के बजट को सिंडिकेट की मंजूरी, वेतन पर खर्च होंगे 400 करोड़
BRABU New Vocational Courses Budget: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के सिंडिकेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए 1234.01 करोड़ रुपये के ...और पढ़ें

बीआरएबीयू में सिंडिकेट की बैठक करते कुलपति। फोटो: जागरण
HighLights
सिंडिकेट ने 2027-28 के लिए 1234 करोड़ का बजट स्वीकृत किया।
शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन-पेंशन पर 798.84 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
नए वोकेशनल कोर्स, भवन निर्माण हेतु 114.55 करोड़ का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar University Budget News Muzaffarpur: बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए तैयार किए गए 1234.01 करोड़ के प्रस्तावित बजट को सिंडिकेट से मंजूरी मिल गई।
कुलपति प्रो. डीसी राय की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई सिंडिकेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। नए वित्तीय वर्ष में 118.08 करोड़ की वृद्धि के साथ 18.53 करोड़ के घाटे का बजट आकलित किया गया है।
वेतन-पेंशन में बढ़ोतरी
शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन मद में सबसे अधिक 400.24 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं पेंशनादि मद में 398.60 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा 697 अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 38.12 करोड़ और आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए 9.21 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
नए भवनों का निर्माण
बजट में नए वोकेशनल कोर्स शुरू करने के लिए 6.92 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। नए भवनों, प्रयोगशालाओं, सड़कों और चहारदीवारी के निर्माण व जीर्णोद्धार के लिए 114.55 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कुलपति कार्यालय भवन के लिए 1.61 करोड़ और दर्शक दीर्घा वाले खेल मैदान के लिए 2.61 करोड़ तय हुए हैं।
शोधार्थियों को मिले प्रोत्साहन
सिंडिकेट सदस्य प्रो. प्रमोद कुमार ने नेट उत्तीर्ण शोधार्थियों को 5-5 हजार रुपये मासिक और शोध करने वाले शिक्षकों को सहायता राशि देने का मुद्दा उठाया।
वहीं सदस्यों ने राजभवन के निर्देशों का हवाला देते हुए यूएमआईएस पर निर्भरता खत्म करने की बात कही। प्राप्त सुझावों के आधार पर बजट को अंतिम रूप देकर 14 नवंबर तक सरकार को भेजा जाएगा।
पेंशन पर 366.22 करोड़ खर्च
अगले वित्तीय वर्ष में विश्वविद्यालय के अंगीभूत महाविद्यालयों, पीजी विभागों, राजकीय डिग्री कालेजों में शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन और सेवानिवृत शिक्षकों और कर्मचारियों के पेंशन मद में 663.71 करोड़ खर्च होंगे।
वेतन-भत्तों के लिए 296.95 करोड़ और पेंशन व अन्य लाभों के लिए 366.22 करोड़ का प्रविधान है। विश्वविद्यालय के विभागों और कालेजों में कार्यरत 697 अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 38.12 करोड की मांग की गई है।
आउटसोर्सिंग से कार्यरत गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के भुगतान के लिए 9.21 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
सरकार से मांगे गए 248.15 करोड़ का मदवार विवरण
- स्टैच्यूटरी ग्रांट - 2.81 करोड़
- अतिथि शिक्षकों के लिए - 38.12
- आउटसोर्सिंग नन टीचिंग स्टाफ - 9.21 करोड़
- नव निर्माण,जीर्णोद्धार और मेंटेनेंस - 114.55 करोड़
- कंप्यूटर और प्रयोगाशाला - पांच करोड़
- तरंग और एकलव्य - 1.67 करोड़
- एनएसएस और सांस्कृतिक गतिविधि - 1.75 करोड़
- विभिन्न कल्याणकारी योजना - 26.01 करोड़
- यूजीसी फेलोशिप - 7.15 करोड़
- रूसा - पीएम ऊषा - 22.25 करोड़
- एचआरडीसी - 10.77 करोड़
- कंप्यूटराइजेशन - 8.86 करोड़
आंतरिक स्रोत से प्राप्त आय से 187.45 करोड़ का खर्च (मदवार विवरण)
- इलेक्ट्रानिक्स डिपार्टमेंट - 0.15 करोड़
- कालेजों को कंटीजेंसी - 1.17 करोड़
- पीजी विभाग - 2.40 करोड़
- कामन सर्विस - 11.72 करोड़
- लाइब्रेरी एंड स्टडी सेंटर - 3.45 करोड़
- वेलफेयर स्कीम - 1.85 करोड़
- गेस्ट हाउस - 0.06 करोड़
- स्पोर्ट्स काउंसिल - 0.63 करोड़
- कम्युनिटी हाल- आडिटोरियम - 0.49 करोड़
- दीक्षा समारोह - 1.26 करोड़
- विवि स्वास्थ्य केंद्र - 0.40 करोड़
- वोकेशनल सेल्फ फाइनेंस - 4.31 करोड़
- छात्रावास - 0.05 करोड़
- परीक्षा - 120.23 करोड़
- प्रिटिंग एंड स्टेशनरी - 4.24 करोड़
- चुनाव खर्च - 0.99 करोड़
- नैक के लिए ऋण - 12.39 करोड़
- नए सेल्फ फाइनेंस कोर्स - 6.92 करोड़
- यूएमआइएस - 0.50 करोड़
- वाहनों की खरीदारी - 0.50 करोड़
शुरू होंगे नए वोकेशनल कोर्स
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में नए वोकेशनल कोर्स खर्च होंगे। इसका प्रविधान बजट में किया गया है। इसके लिए 6.92 करोड़ से अधिक राशि खर्च होगी। इसके साथ ही नए भवनों के निर्माण, प्रयोगशालाओं, सड़कों, चहारदीवारी और छात्रावासों के जीर्णोद्धार के लिए 114.55 करोड़ खर्च का प्रविधान रखा गया है।
कुलपति कार्यालय भवन और सम्मेलन कक्ष के निर्माण के लिए 1.61 करोड़, दर्शक दीर्घा वाले खेल मैदान के लिए 2.61 करोड़ और अतिथिगृह परिसर में विशिष्ट अतिथि कक्ष और सम्मेलन कक्ष के लिए 2.58 करोड़ प्रस्तावित हैं।
रूसा और पीएम-ऊषा योजना के तहत स्नातकोत्तर छात्रावासों, परीक्षा भवन और अकादमिक स्टाफ कालेज के नवीनीकरण व उपकरणों के लिए 22.25 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
नेट उत्तीर्ण को मिले पांच-पांच हजार
यूजीसी नेट उत्तीर्ण शोधार्थियों और शोध करने वाले शिक्षकों के लिए विश्वविद्यालय की ओर से राशि का प्राविधान किए जाने का मुद्दा उठा है। सिंडिकेट सदस्य प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय में नेट उत्तीर्ण शोधार्थी को पांच - पांच हजार रुपये महीने और शोध करने वाले शिक्षकों को अधिकतम एक करोड़ की राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे शोध संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
यूएमआइएस पर खर्च को लेकर भी उठे सवाल
बैठक में सदस्यों ने यूएमआइएस पर खर्च को लेकर सवाल उठाए। कहा कि लोकभवन का सख्त निर्देश है कि समर्थ को पूरी तरह से सक्रिय बनाते हुए यूएमआइएस पर निर्भरता समाप्त करनी है।
बावजूद इसके विश्वविद्यालय की ओर से खर्च का प्राविधान दर्शाया जा रहा है। दूसरी ओर सदस्यों ने कहा कि परीक्षा समेत अन्य मद में हुए आय को छात्र हित में खर्च की कोई योजना बजट में नहीं दिखती है।
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