मुजफ्फरपुर, जासं। पीएचडी गाइड बनने को लेकर यूजीसी के 2016 रेगुलेशन में संबद्ध डिग्री कालेज के प्राध्यापक पीएचडी गाइड नहीं बन सकते इसका जिक्र नहीं है। ऐसे में यदि विश्वविद्यालय के पदाधिकारी यह आदेश दे रहे हैं तो यह गलत है। यह बातें पीएचडी गाइड बनने को लेकर विश्वविद्यालय की ओर से संबद्ध डिग्री कालेज के शिक्षकों को गाइड बनने से रोकने को लेकर पूर्व में जारी निर्देश और उसके विरोध के बीच बिहार राज्य संबद्ध डिग्री कालेज शिक्षक-शिक्षकेतर महासंघ के संयोजक डा. धर्मेंद्र चौधरी ने कही। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से यह कहा गया, लेकिन अब तक लिखित में पत्र जारी नहीं किया गया।

बैठक में डिग्री कालेज महासंघ की ओर से किया था विरोध

यूजीसी के पीएचडी रेगुलेशन-2016 में यह कहा गया है कि विश्वविद्यालय व इससे जुड़े संस्थान के वैसे नियमित प्राध्यापक गाइड बन सकेंगे जिनका कम से कम पांच रिसर्च पब्लिकेशन रेफर्ड जर्नल में प्रकाशित हुआ हो। वहीं एसोसिएट और सहायक प्राध्यापक के लिए पीएचडी के साथ ही दो रिसर्च पब्लिकेशन रेफर्ड जर्नल में प्रकाशित होने चाहिए। बता दें कि विश्वविद्यालय की ओर से यह आदेश दिए जाने के बाद एकेडमिक काउंसिल और सिंडिकेट की बैठक में भी संबद्ध डिग्री कालेज महासंघ की ओर से विरोध किया गया था। विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डा.अजीत कुमार ने कहा कि डिग्री कालेज के प्राध्यापक भी गाइड बन सकेंगे, लेकिन यदि वे रेगुलेशन की शर्तों को पूरा करते हों तब। इसके लिए पीजी विभागाध्यक्षों को ऐसे शिक्षकों से अर्हता संबंधी साक्ष्य प्राप्त करने के बाद अनुमति दी जा सकेगी। 

Edited By: Ajit Kumar