मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में पीजी में नामांकन को लेकर छात्र-छात्राओं की ओर से किए गए आवेदन में कई प्रकार की गड़बडिय़ां सामने आ रही हैं। इससे मेधा सूची जारी करने में अभी दो-तीन दिनों का समय और लग सकता है। फार्म भरने से पूर्व और वेबसाइट पर भी स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि इसमें अपना ही नंबर और ई-मेल एड्रेस दर्ज करें ताकि नामांकन से जुड़ी जानकारी छात्रों को सीधे भेजी जा सके। दर्जनों फॉर्म में एक ही ई-मेल और फोन नंबर दर्ज है। ऐसे छात्र कॉलेज आवंटन की सूचना से वंचित हो जाएंगे।

विवि की ओर से कहा गया कि साइबर कैफे से जिन छात्रों ने फार्म भरा है अधिकतर में गड़बड़ी हुई है। कई छात्रों ने तो स्नातक तृतीय की जगह प्रथम व द्वितीय वर्ष का अंकपत्र अपलोड कर दिया। जांच के दौरान ऐसे फार्म को अलग किया गया है। कई छात्रों ने तो प्राप्तांक में 100 फीसद तक अंक दर्ज कर दिए हैैं, जबकि अंकपत्र में उन्हें कम अंक है। ऐसे आवेदनों को निरस्त किया जा रहा है।

यूएमआइएस को-आर्डिनेटर प्रो.ललन झा ने बताया कि स्क्रूटिनी में दो-तीन दिन का समय लग सकता है। 22 जून की देर शाम मेधा सूची जारी की जा सकती है। बताया कि तीन से चार हजार छात्रों का फार्म निरस्त होगा। जिनमें सामान्य गड़बड़ी है उसे दुरुस्त किया जा रहा है। बता दें कि पीजी में 5350 सीटों पर दाखिला होना है। इसके लिए 15 हजार से अधिक आवेदन आए हैं।

Edited By: Murari Kumar