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समस्तीपुर, जेएनएन। रेल गाडिय़ों में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन ने सफाई निगरानी के लिए नया सिस्टम शुरू किया है। ट्रेनों में सफाई करने वाले कर्मियों की मनमानी अब नहीं चलेगी। रेलवे ने सफाई के लिए पूरी तरह से कमर कस लिया है। समस्तीपुर रेल मंडल से परिचालित होने वाली तीन जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में नई सुविधा की शुरुआत की जा रही है।

 दरभंगा से नई दिल्ली के लिए परिचालित होने वाली बिहार संपर्क क्रांति, जयनगर से नई दिल्ली के लिए परिचालित होने वाली स्वतंत्रता सेनानी और सहरसा से नई दिल्ली के लिए परिचालित होने वाली वैशाली एक्सप्रेस की एसी व स्लीपर बोगियों में होने वाली सफाई की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इन ट्रेनों में बायोमेट्रिक हाजिरी सिस्टम लगाया जाएगा। साथ ही कर्मचारी यात्रियों व उनके टिकट का फोटो लेकर अधिकारी के पास भेजेंगे।

यात्रियों से लेनी होगी फीडबैक

ट्रेन में सफर करने वाले एसी और नन एसी यात्रियों से अलग-अलग ङ्क्षबदुओं पर सफाई कर्मियों का फीडबैक लेते फॉर्म भरवाना है। नन एसी कोच में शौचालय, कोच के अंदर, सीट बर्थ की नियमित सफाई है या नहीं, ट्रेन पंक्चुअलिटी इसका यात्रियों से फीडबैक लेकर फॉर्म भरवाना है। एसी कोच में सफाई के अलावा साबुन, पेपररोल, एसी कूङ्क्षलग, ट्रेन पंक्चुअलिटी, स्प्रे का छिड़काव किया जाता या नहीं इसका फीडबैक फॉर्म यात्री से भरवाया जाना है।

अब यात्रियों की एक कॉल से हो ट्रेन की बोगी में हो जाएगी सफाई

रेलवे स्टेशन और ट्रेन में यात्रा करते समय अगर कहीं गंदगी दिखती है तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे को दें। सफाई कर्मी चंद मिनट में आकर चलती ट्रेन या फिर स्टेशन परिसर में सफाई करेंगे। इसके लिए आपको अपने मोबाइल पर क्लीन रेल एप डाउनलोड करना होगा और गंदगी की तस्वीर खींच कर उसपर अपलोड करना होगा। रेलवे को इसकी सूचना तुरंत मिल जाएगी। रेल यात्री पूरी स्वच्छता के साथ सफर करेंगे। ऑन बोर्ड हाउस कीङ्क्षपग योजना के तहत चलती ट्रेन में सफाई होगी।

 अब एक कॉल करने पर सफाई कर्मी यात्रियों की सेवा में क्लीनिंग मशीन के साथ पहुंचेंगे। दरअसल, रेल कोच में गंदगी की शिकायतें यात्रियों से मिल रही थी। इसको लेकर रेल प्रबंधन सख्त हो गया है। रङ्क्षनग ट्रेनों को साफ-सुथरा रखने के लिए क्लीन माई कोच योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत चलती ट्रेन में सफाई व्यवस्था दुरुस्त किया जाएगा।

 एप के माध्यम से की गई शिकायत संबंधित जोन के अफसरों और ड्यूटी पर तैनात सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर तक पहुंचेगी। इसके बाद सफाई कर्मी को गंदगी साफ करके सबूत के तौर पर उसकी फोटो एप पर डालनी होगी। अगर एप पर शिकायत के बाद भी सफाई नहीं होती है तो रेलवे की ओर से संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।

क्लीन रेल एप से करें शिकायत, मिलेगी मदद

रेलवे ने सफाई के लिए दूसरा तरीका भी अपनाया है। अगर कोच में सफाई कर्मी नहीं दिखे तो तुरंत क्लीन रेल एप से शिकायत करें। ट्रेनों को साफ-सुथरा रखने के लिए रेलवे की ओर से यह मोबाइल एप डेवलप किया गया है। ट्रेन में सफर करते हुए पैसेंजर को अपने कोच, टायलेट या किसी अन्य कोच में भी गंदगी दिखती है तो वह 'क्लीन रेल एप' पर शिकायत कर सकते हैं।

प्ले स्टोर में एप को करें इंस्टॉल

'क्लीन रेल एप' का इस्तेमाल एंड्रॉयड फोन वाले ही यात्री कर सकते हैं। इसका प्रयोग करने के लिए पैसेंजर को पहले मोबाइल पर ईमेल आइडी डाल कर लॉगिन करना होगा। इसके बाद शिकायतकर्ता को ट्रेन, कोच और सीट नंबर भरने के साथ कमेंट में शिकायत दर्ज करना होगा। इसकी शिकायत संबंधित अफसर, सुपरवाइजर तक पहुंचेगी और एप में सुपरवाइजर, सफाई कर्मियों के पास जाएगी। इसके बाद सफाई कर्मी शिकायत करने पहुंचेंगे।  

Posted By: Ajit Kumar

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