मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। बिहार में अब कोई नहीं कहेगा कि बिहार में का बा। अगर कोई ऐसा कहेगा तो उसे उद्योग विभाग से उपलब्धियों की लिस्ट भेजी जाएगी। विभिन्न जगहों पर बियाडा की जमीन की दर अलग-अलग है। यह इतनी महंगी है कि कोई उद्यमी कैसे आएगा। इसलिए दर की एकरूपता को नया बिल लाकर उसका निदान करेंगे। सूबे के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए अपने नए मिशन की जानकारी दी।

चक्कर मैदान स्थित पूर्व नगर आवास व विकास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा के आवास पर उन्होंने बताया कि बिहार में उद्योगपति आएं और अपने प्रोडक्ट को बांग्लादेश, भूटान और थाइलैंड जैसे देशों मे बिहार से सटे नेपाल, सिलीगुड़ी व वर्मा के रास्ते विदेशों में भेजें। उन्होंने कहा कि पटना, गया, दरभंगा व बागडोगरा और गलगरिया पांच हवाई अड्डा से उद्योग जगत को बढ़ावा मिल रहा है। अब शीशा और सिरेमिक टाइल्स का निर्माण बिहार में कराया जाएगा। इससे गुजरात, राजस्थान और चीन पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। गुजरात से टाइल्स आने में छह दिनों का समय लगता है। वहीं जब बिहार में इसका उत्पादन होने लगेगा तो भाड़ा, प्रदूषण और समय सब चीजों की बचत होगी। बेला में 80 एकड़ जमीन उद्यमियों को दी जाएगी। उन्होंने हिदायत दी कि अगर दस लाख लोन लेने में कोई अधिकारी कोताही या लेन-देन की बात करेगा तो उस पर सख्ती होगी। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी व कर्मचारी उद्यमियों का वेलकम और युवाओं का सहयोग करें।

प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, पूर्व विधायक केदार गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश कुमार वर्मा, जिला प्रवक्ता प्रभात कुमार, देवांशू किशोर, वार्ड पार्षद केपी पप्पू, अंजू रानी, डा.ममता रानी, अभिषेक कुमार, साकेत शुभम, प्रो. खुर्शीद अनवर अरमान, मोजाहिद नैय्यर, अमन, बसंत मिश्रा आदि थे।

Edited By: Murari Kumar