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प्रधानमंत्री मोदी 20 को करेंगे मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन का शिलान्यास, नेपाल की राह होगी आसान

Published: Thu, 29 Oct 2026 05:00 AM (IST)

Muzaffarpur Sonbarsa Highway Project : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे, जिसकी तैयारी ...और पढ़ें

PM Narendra Modi Bihar Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फाइल फोटो।

PM Narendra Modi Bihar Visit : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फाइल फोटो।

HighLights

  1. पीएम मोदी 20 नवंबर को करेंगे फोरलेन का शिलान्यास।

  2. परियोजना से भारत-नेपाल सीमा तक आवागमन होगा सुगम।

  3. तीन हजार करोड़ से अधिक खर्च, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। India Nepal Border Connectivity :बहुप्रतिक्षित मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन निर्माण कार्य का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 नवंबर को करेंगे। उक्त तिथि को उनका बिहार में आगमन प्रस्तावित है। एनएचएआइ इसकी तैयारी में जुट गया है।

एनएचएआइ के परियोजना निदेशक विनीत कुमार बागेरिया ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को इससे अवगत कराया है। मुजफ्फरपुर-सोनबरसा राष्ट्रीय राजमार्ग-22 (पुराना एनएच-77) के चौड़ीकरण व फोरलेन निर्माण में भूमि अधिग्रहण किया जाना है।

पूर्व में एनएचएआइ की ओर से इसे लेकर अधियाचना सौंपी गई थी, लेकिन इसमें त्रुटियों के कारण जिला भू-अर्जन कार्यालय से वापस कर दिया गया था। परियोजना निदेशक ने इसमें सुधार कर दोबारा अधियाचना सौंपी है। कहा कि पूर्व की अधियाचना में जिला भू-अर्जन कार्यालय के मापक द्वारा जांच में कुछ बिंदुओं पर आपत्ति की गई थी, जिसका निराकरण कर बुधवार को नया प्रस्ताव भेजा गया है।

इसी अनुसार, अधिग्रहण को लेकर थ्री डी अधिघोषणा करने का अनुरोध किया गया है। शिलान्यास से पहले इसे पूरा करने की आवश्यकता जताई है। कहा कि भारत सरकार से इस परियोजना की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया में है।

रकबा शून्य होने के कारण थी आपत्ति

मौजा शाहपुर, अंचल औराई में कुल पांच खेसराओं को अधियाचना में शामिल किया गया था, लेकिन खेसरा संख्या-पांच व छह का रकबा पूर्व में ही गजट में प्रकाशित हो चुका है, जिसके कारण वर्तमान में उसके हिस्से का अर्जित रकबा 0.000 है।

नक्शा के अनुसार अर्जनाधीन खेसरा की मापी करने व पूर्व में प्रकाशित गजट का रकबा मिलान करने के बाद ही रकबा 0.000 आया है। इसलिए नए प्रस्ताव में उन खेसराओं के सामने अर्जित रकबा 0.000 दर्शाया गया है।

इसी प्रकार मौजा मकसूदपुर, मलिकपुर व विष्णुपुर राजे में पूर्व में एनएचएआइ अधिग्रहित आरओडब्ल्यू (राइट आफ वे) के लिए खींची गई एलाइनमेंट बाईं तरफ है, जबकि एनएचएआइ की सड़क बिहार राज्य पुल निगम द्वारा निर्मित सड़क पर वर्तमान में चल रही है। बिहार राज्य पुल निगम के दाईं तरफ एनएचएआइ का पूर्व में कोई अर्जन नहीं है, जिससे कुछ खेसरा में पूर्व में किए गए गजट रकबा को नहीं घटाया गया है।

भारत-नेपाल सीमा तक आवागमन होगा सुलभ, बढ़ेगा रोजगार

मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन करीब 80 किलोमीटर लंबा होगा। वर्तमान में यह टू लेन है। इस परियोजना पर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।

उत्तर बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने व भारत-नेपाल सीमा तक आवागमन सुगम बनाने के लिए केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना है।

इससे रोजगार के मार्ग प्रशस्त होंगे और आर्थिक रूप से भी क्षेत्र का विकास होगा। इसमें सात बड़े पुल (जिसमें बागमती नदी पर बनने वाला 340 मीटर लंबा पुल भी शामिल है), तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो फ्लाईओवर व छह अंडरपास बनाने प्रस्तावित हैं।

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