मुजफ्फरपुर में मुशहरी के निलंबित सीओ और आरओ को मिली जमानत, फर्जी दाखिल-खारिज मामले में राहत
मुजफ्फरपुर के मुशहरी के निलंबित अंचलाधिकारी महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण करण को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत दे दी है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
निलंबित सीओ और आरओ को मिली जमानत।
फर्जी दाखिल-खारिज मामले में हुई थी गिरफ्तारी।
कोर्ट ने 25 हजार के बेल बांड पर दी राहत।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । मुशहरी के निलंबित अंचलाधिकारी (सीओ) महेंद्र कुमार शुक्ला और राजस्व अधिकारी (आरओ) करुण करण की जमानत याचिका पर मंगलवार को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई।
अदालत ने दोनों की जमानत मंजूर कर ली। कोर्ट ने उन्हें 25 हजार रुपये का बेल बांड, ट्रायल में सहयोग, सुनवाई में उपस्थित होने और साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करने की शर्त पर यह राहत दी है।
विदित हो कि अहियापुर थाने की पुलिस ने सहबाजपुर निवासी सेवानिवृत्त अवर सचिव विजय कुमार की 70 डिसमिल जमीन की फर्जीवाड़ा कर दाखिल खारिज करने के मामले में सीओ व आरओ को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेजा था।
मामले में दिव्यांग सेवानिवृत्त अवर सचिव ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी कराई थी। आरोप लगाया था कि 1986 का एक फर्जी केवाला तैयार कर आरोपित कृष्णनंदन पासवान ने मुशहरी अंचल कार्यालय की मिलीभगत से अपने नाम दाखिल-खारिज करा लिया।
जांच में जिला पंजीयक ने पुष्टि की है कि उक्त दस्तावेज संख्या पंजीयन विभाग में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज है।
फर्जीवाड़े का पता तब चजा जब जनवरी 2026 में कुछ लोग जबरन जमीन की नापी कराने पहुंचे। इसके बाद आरोपित कृष्णनंदन पासवान ने इस जमीन को बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू के भाई अभिनव कुमार, अरविंद कुमार मेहता और तुषार सिंह के नाम पंजीकृत करा दिया और सीओ महेंद्र शुक्ला, आरओ करुण कुमार व कर्मचारी सुनील व अनुज कुमार की मिलीभगत से इसका दोबारा दाखिल-खारिज भी करा लिया गया।
