मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक से अवैध खनन की जांच शुरू, दो घंटे भटकने के बाद बैरंग लौटी NGT टीम
NGT Investigation Bihar: एनजीटी के आदेश पर मुजफ्फरपुर में बूढ़ी गंडक से अवैध खनन की जांच करने पहुंची अंतर-विभागीय टीम ...और पढ़ें

बूढ़ी गंडक नदी के पास जांच करने पहुंची टीम।
HighLights
एनजीटी के आदेश पर मुजफ्फरपुर में अवैध खनन की जांच शुरू।
ठेकेदार कंपनी जांच टीम को खनन स्थल नहीं दिखा सकी।
जांच टीम दो घंटे भटकने के बाद बिना सत्यापन लौटी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Budhi Gandak Mining: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश पर गुरुवार को मुजफ्फरपुर में जांच करने पहुंची अंतर-विभागीय टीम को ठेकेदार कंपनी खनन स्थल ही नहीं दिखा सकी।
चंदवारा पुल निर्माण के दौरान बूढ़ी गंडक नदी से मानक से अधिक अवैध मिट्टी और बालू खनन का मामला सामने आया है।
जांच टीम करीब दो घंटे तक नदी और पुल के आसपास भटकती रही और आखिरकार बिना किसी सत्यापन के बैरंग लौट गई।
जांच को पहुंची टीम
मुशहरी के आरटीआई एक्टिविस्ट देवव्रत सहनी ने अवैध खनन को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की थी।
एनजीटी के 14 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन में गुरुवार को यह स्थलीय जांच तय की गई थी। टीम में खान निरीक्षक दानिश आलम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसएन झा और कंपनी प्रतिनिधि शामिल थे।
नदी सुरक्षा पर खतरा
मौके पर पहुंचे कंपनी के प्रतिनिधि अधिकारियों को यह तक नहीं बता सके कि खनन का काम किस जगह से हुआ है।
आरोप है कि बिना अनुमति के नदी के प्रवाह क्षेत्र में पोकलेन और जेसीबी चलाकर बड़े पैमाने पर खनन किया गया। इससे नदी का प्राकृतिक बहाव बदलने और निर्माणाधीन पिलर को क्षति पहुंचने की आशंका जताई गई है।
एनजीटी को सौंपेंगे रिपोर्ट
अवैध खनन से पिलर के साथ-साथ नदी के तटबंधों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। जांच टीम अब इन तमाम गड़बड़ियों को अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में दर्ज करेगी। यह विस्तृत जांच रिपोर्ट एनजीटी की कोलकाता बेंच को सौंपी जाएगी।
