मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल में लगा घटिया कंक्रीट, IIT की रिपोर्ट में खुलासा, निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट
IIT Patna Inspection Report: मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आईआईटी पटना और गुण नियंत्रण ...और पढ़ें

जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पुल निर्माण में हुई कई बड़ी खामियां खुलकर सामने आ गई हैं।
HighLights
चंदवारा पुल निर्माण में गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई।
आईआईटी जांच में घटिया कंक्रीट और दरारें पाई गईं।
निर्माण एजेंसी को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Chandwara Bridge Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर के चंदवारा पुल निर्माण कार्य में कई स्तरों पर गंभीर लापरवाही बरती गई है।
आरटीआई एक्टिविस्ट देवव्रत सहनी द्वारा दायर वाद के आलोक में आईआईटी पटना और गुण नियंत्रण कोषांग की टीम ने संयुक्त जांच की। जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पुल निर्माण में हुई कई बड़ी खामियां खुलकर सामने आ गई हैं।
जांच में खुली पोल
रिपोर्ट के अनुसार पुल के मेन गर्डर की ऊपरी सतह काफी खराब पाई गई है। जगह-जगह कंक्रीट में जाली लगने के साथ पैचवर्क और झुकने वाली दरारें भी मिली हैं। क्रॉस गर्डर में घटिया निर्माण और एक्सपेंशन जॉइंट में कचरा भरा हुआ पाया गया।
पानी निकासी रास्ता बंद
पुल पर पानी निकासी का रास्ता पूरी तरह बंद होने से इसकी ऊपरी सतह जर्जर हो चुकी है। जांच टीम ने स्थल से कंक्रीट के नमूने लेकर लैब टेस्ट कराया था। लैब जांच में 80 प्रतिशत से अधिक परिणाम पूरी तरह खराब पाए गए हैं।
दो साल के लिए डीबार
पुल की कंक्रीट खराब हो चुकी है और दरारों की चौड़ाई 0.4 एमएम तक दर्ज की गई। नदी में जलस्तर अधिक रहने के कारण कई पिलरों की जांच अभी बाकी है। मानक के अनुरूप काम न होने पर निर्माण एजेंसी मेसर्स गणेश राम दोकनिया को दो वर्षों के लिए डीबार कर दिया गया है।
