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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम में किया बड़ा बदलाव, छात्रों को मिलेगा लाभ

Published: Wed, 28 Oct 2026 07:39 PM (IST)

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने अपनी आधारभूत संरचना और शिक्षकों की उपलब्धता के अनुरूप भौतिकी के एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम को ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

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HighLights

  1. भौतिकी पीजी पाठ्यक्रम में संशोधन को मिली मंजूरी।

  2. इलेक्टिव और प्रैक्टिकल पेपर में किए गए बदलाव।

  3. विश्वविद्यालय की सुविधाओं के अनुरूप बना नया सिलेबस।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग ने एक वर्षीय पीजी कोर्स के लिए भौतिकी विषय का संशोधित पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसमें प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में इलेक्टिव पेपर में विकल्पों की संख्या बढ़ाई गई है। प्रैक्टिकल पेपर में भी बदलाव किया गया है।

पांचवां पेपर प्रैक्टिकल का होगा। संशोधित पाठ्यक्रम बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षकों और आधारभूत संरचना के आधार पर तैयार किया गया है।

लोकभवन की ओर से उपलब्ध कराया गया पाठ्यक्रम बीआरएबीयू के आधारभूत संरचना और जरूरतों के अनुसार नहीं थी। कई पत्रों के पढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के पास विशेषज्ञ शिक्षक नहीं थे।

वहीं पाठ्यक्रम के अनुसार प्रैक्टिकल के लिए एडवांस लैब की सुविधा नहीं थी। ऐसे में विश्वविद्यालय में उपलब्ध संरचना और सुविधाओं के आधार पर भौतिकी के पाठ्यक्रम को संशोधित किया गया है। इसे पहले एकेडमिक काउंसिल और फिर सिंडिकेट से अनुमोदित करा लिया गया है।

कुलपति की अध्यक्षता में बुधवार को पहले एकेडमिक काउंसिल और उसके बाद सिंडिकेट की बैठक हुई। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत दो वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम के तहत तृतीय और चौथे सेमेस्टर और एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर के लिए कुल 46 विषयों के सिलेबस को अनुमोदित किया गया।

वहीं कुछ पीजी विभागाध्यक्षों ने कई विषयों के पाठ्यक्रम में संशोधन की मांग की है। कुलपति ने विभागाध्यक्षों को कहा कि वे पाठ्यक्रम में अपेक्षित संशोधन एकेडिक सेक्शन को शीघ्र उपलब्ध करा सकें ताकि 30 अक्टूबर तक इसे लोकभवन को भेजा जा सके। सिंडिकेट की बैठक में पिछले दो से तीन वर्षों मे लीव एंड लियन पर गए आठ शिक्षकों के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।

28 नवंबर को सीनेट, 28 दिसंबर को दीक्षा समारोह

एकेडमिक काउंसिल में कुलपति प्रो. डीसी राय ने कहा कि अगले दो महीने विश्वविद्यालय के काफी महत्वपूर्ण हैं। 28 नवंबर को विश्वविद्यालय में सीनेट की बैठक प्रस्तावित है।

कुलाधिपति की ओर से 28 दिसंबर को दीक्षा समारोह की तिथि निर्धारित की गई है। लोकभवन की ओर से सभी अधिकारियों से दोनों ही बैठकों के लिए आवश्यक दस्तावेज और तैयारी करने की बात कही गई है। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा भी शामिल रहे।

उपलब्ध कराए गए पाठ्यक्रम से पढ़ाई और लैब नहीं हो सकता था : डा. संगीता

पीजी भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता सिन्हा ने कहा कि लोकभवन की ओर से उपलब्ध कराया गया पाठ्यक्रम के अनुसार लैब में प्रयोग नहीं हो सकता था। इलेक्टिव पेपर पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।

ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए पाठ्यक्रम में संशोधन किया गया है। इसमें करीब एक सप्ताह का समय लगा है। कहा कि पूर्व के पाठ्यक्रम के अनुसार प्रदेश के किसी भी विवि में एक वर्षीय पीजी कोर्स की लैब के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञ शिक्षक भी नहीं हैं।

वेबसाइट पर नहीं दिख रहा रिसर्च मेथडलाजी का सिलेबस

बैठक में आरडीएस कालेज के इतिहास विभागाध्यक्ष डा. एमएन रिजवी ने कहा कि स्नातक के छात्र-छात्राओं के लिए रिसर्च मेथडलाजी का पाठ्यक्रम वेबसाइट पर प्रदर्शित नहीं हो रहा है।

वेबसाइट पर ब्लैंक प्रदर्शित हो रहा है। उन्होंने एआइएच एंड सी के विभागाध्यक्ष के रूप में स्वयं को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया।

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