Bihar News : भारत-नेपाल सीमा पर अब नहीं चलेगी मनमानी, बाहरी व्यक्ति नहीं कर सकेंगे निर्माण
बिहार सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भिखनाठोरी और सीमाई क्षेत्रों में बाहरी व्यक्तियों द्वारा बिना अनुमति के निर्माण या ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
भिखनाठोरी में बाहरी व्यक्तियों के निर्माण पर लगी रोक।
भारत-नेपाल सीमा पर अतिक्रमण, सुरक्षा चुनौती बनी।
आर्थिक अपराध, जनसांख्यिकीय बदलाव पर सरकार की निगरानी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । भारत-नेपाल सीमा पर अतिक्रमण की समस्या दिनों-दिन गंभीर होती जा रही है। भविष्य में इसे सुरक्षा और विधि व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण मानते हुए राज्य सरकार सख्त कदम उठा रही है।
इस कड़ी में पश्चिम चंपारण के भिखनाठोरी एवं भारत-नेपाल के सीमाई क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के बसने पर रोक लगा दी गई है। अब इस क्षेत्र में बिना अनुमति के कोई भी बाहरी व्यक्ति किसी तरह का निर्माण नहीं कर सकेंगे।
विशेष शाखा के डीआइजी (बार्डर) ने पश्चिम चंपारण के डीएम को इस संबंध में पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमा से संबंधित विभिन्न मुद्दे पर समीक्षात्मक बैठक हुई थी।
इसमें पश्चिम चंपारण जिला की भारत-नेपाल सीमा से 0-15 किमी के अंतर्गत भिखनाठोरी में अतिक्रमण को लेकर रिपोर्ट आई थी। भिखनाठोरी भारत-नेपाल से सटा हुआ संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र है।
भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था पर चुनौती
इस क्षेत्र में नए बाहरी व्यक्तियों का बसना भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था पर चुनौती पैदा कर सकता है। इसे देखते हुए इस क्षेत्र में आगे से किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा बिना विधि अनुमति या सत्यापन के निवास, बसावट या किसी तरह की निर्माण गतिविधि प्रारंभ करता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इसके अलावा नई बसावटों को भी इस क्षेत्र में प्रभावी रूप से नियंत्रित करने को कहा गया है।
सीमा प्रबंधन के लिए आठ बिंदुओं पर सरकार करेगी निगरानीभारत-नेपाल सीमा पर हाल के वर्षों में हो रहे बदलाव को देखते हुए सरकार व्यापक सीमा प्रबंधन की योजना तैयार कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सामाजिक, जनसांख्यिकीय, आर्थिक एवं सुरक्षा आदि की त्रैमासिक बैठक होगी। गृह विभाग के विशेष सचिव ने आदेश जारी किया है। इसके लिए आठ घटकों को शामिल किया गया है।
इसमें सबसे प्रमुख आर्थिक अपराध और वित्तीय सुरक्षा है। सीएम की समीक्षा में यह बात सामने आई थी कि सीमाई इलाके में आर्थिक अपराध तेजी से बढ़ा है।
यहां बड़ी संख्या में म्यूल खाते का उपयोग अवैध राशि के ट्रांसफर के लिए किया जाता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण घटक है। इसके अलावा उग्रवाद, जनसांख्यिकीय परिवर्तन और सामाजिक स्थिरता घटक को शामिल किया गया है।
भारत और नेपाल के बीच 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा पर जनसांख्यिकीय बदलाव संवेदनशील विषय बन गया। छह अन्य घटकों में सीमा पार अपराध, आतंकवाद और विद्रोह, सीमा प्रबंधन, विशेष गहन पुनरीक्षण, सीमा संबंधी अन्य चुनौतिया और सीमा अवसंरचना निगरानी एवं आधुनिकीकरण शामिल है।
