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यू-डायस प्लस पोर्टल पर सरकारी व निजी स्कूल के सभी विद्यार्थियों का डाटा होगा अपलोड

Published: Sun, 27 Sep 2026 07:15 PM (IST)

PEN Number Generation Bihar: बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी विद्यार्थियों का डेटा यू-डायस ...और पढ़ें

प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नामांकित विद्यार्थियों की वर्गवार वास्तविक संख्या का मिलान यू-डायस पर दर्ज संख्या से करना होगा।

प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नामांकित विद्यार्थियों की वर्गवार वास्तविक संख्या का मिलान यू-डायस पर दर्ज संख्या से करना होगा।

HighLights

  1. शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सभी छात्रों का डेटा यू-डायस प्लस पर।

  2. फर्जीवाड़े रोकने के लिए डुप्लीकेट एंट्री की जांच अनिवार्य होगी।

  3. नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, कक्षा एक के लिए आधार अनिवार्य नहीं।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। U DIAS Plus Portal Bihar: बिहार के सरकारी और निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नामांकित सभी विद्यार्थियों का डाटा यू-डायस प्लस (U-DIAS+) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा।

सर्व शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) ने इस संबंध में जिले के सभी स्कूलों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

वास्तविक संख्या का मिलान

आदेश के तहत प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की वर्गवार वास्तविक संख्या का मिलान यू-डायस पर दर्ज संख्या से करना होगा।

जिन विद्यार्थियों का नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं होगा, उनका विवरण अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाएगा। पोर्टल पर प्रविष्टि होते ही छात्र का पेन (PEN) नंबर भी जेनरेट हो जाएगा।

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

विद्यार्थियों की नई प्रविष्टि करने से पहले यह जांचना अनिवार्य होगा कि उनका रिकॉर्ड देश के किसी अन्य स्कूल के यू-डायस में पहले से दर्ज तो नहीं है।

इसके लिए विद्यालय प्रबंधन ग्लोबल सर्च के माध्यम से छात्र, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और आधार के आधार पर जांच करेंगे। रिकॉर्ड मिलने की स्थिति में नई प्रविष्टि नहीं होगी।

ड्रॉप बॉक्स से इंपोर्ट

पुराने स्कूल में दर्ज रिकॉर्ड मिलने पर छात्रों को ड्रॉप बॉक्स से पेन (PEN) नंबर और जन्मतिथि के माध्यम से वर्तमान विद्यालय में इंपोर्ट किया जाएगा।

विवरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर नई फ्रेश एंट्री करने के बजाय नियमों के तहत सुधार की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। तकनीकी मदद के लिए एसएसए की टीम के विकास कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।

दस्तावेजों का होगा मिलान

विद्यालयों को नामांकित छात्र के आधार, नामांकन पंजी, जन्म प्रमाण पत्र और एसएलसी (विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र) में दर्ज विवरण का भी मिलान करना होगा।

वहीं नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और कक्षा एक के बच्चों की फ्रेश एंट्री स्कूल स्तर से सीधे होगी और उनके लिए आधार अनिवार्य नहीं रहेगा। लापरवाही बरतने वाले स्कूलों और प्रखंड कार्यालयों पर कार्रवाई होगी।

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