यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीएम नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ कब तक रहेंगे...पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्री ने इस तरह की भविष्यवाणी की
Bihar Politics सीएम नीतीश कुमार की सबसे अधिक आलोचना उनके पाला बदलने को लेकर होती है। हाल में एनडीए छोड़ने ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर, {अमरेंद्र तिवारी}। एनडीए का साथ छोड़ने के बाद महागठबंधन में शामिल होने के सीएम नीतीश कुमार के फैसले की केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने आलोचना की है। कहा, एनडीए ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री बनाया। वह यहां से नाता तोड़कर महागठबंधन में चले गए, लेकिन वह वहां भी टिकाऊ नहीं हैं। कितने दिनों तक वहां रहते हैं, यह देखने की बात है। इंतजार करिए, परिणाम आपके सामने होगा। महागठबंधन में राजद को छोड़कर किसी भी दल को कोई तवज्जो नहीं देता है। कहने के लिए बस महागठबंधन है। केंद्रीय मंत्री कुढ़नी उपचुनाव के लिए जनसंपर्क के दौरान चौपाल में महागठबंधन के भविष्य पर चर्चा कर रहे थे।

पीएम मोदी के काम पर वोट देने का आह्वान
उन्होंने दावा किया कि कुढ़नी की जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काम के आधार पर अपना निर्णय भाजपा के पक्ष में लेने का मन बना लिया है। महागठबंधन में सात दलों का साथ होने के दावे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां भगदड़ मच गई है। वीआइपी सुप्रीमो मुकेश सहनी निकल गए हैं। जो भी पार्टी है वह समय के इंतजार में है। जब मौका मिलेगा वहां से निकल लेगा। पासवान ने कहा कि बिहार के गरीब-गुरबा नहीं चाहते कि दोबारा जंगलराज आए। कुछ दिन पहले बिहार में सरकार बदली। उसके बाद विकास की रफ्तार ठप है। अपराध चरम पर है। एनडीए में हर दल को सम्मान दिया जाता है। केंद्रीय मंत्री जनसंपर्क के दौरान कई गांवों में भाजपा उम्मीदवार केदार गुप्ता के समर्थन में चौपाल में शामिल हुए। मुजफ्फरा कमतौल, तुर्की व तेलिया में चौपाल लगाई। जनसंपर्क के दौरान दलित सेना के प्रधान महासचिव घनश्याम कुमार दाहा, केशव प्रसाद सिंह, अंबिका प्रसाद बिनू, पूर्व मुखिया राम सोगारथ पासवान, संतोष कुमार आदि शामिल रहे।