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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: बिहार के पूर्व मंत्री रामविचार राय की कोरोना से हुई थी मौत, स्वजन ने मुआवजे का किया दावा

By Jagran NewsEdited By: Mukul Kumar
Published: Sun, 03 Dec 2023 10:04 AM (IST)

बिहार के पूर्व मंत्री रामविचार राय की मौत कोरोना वायरस से हुई थी। अब दो साल बाद स्वजन ने मुआवजे ...और पढ़ें

बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री रामविचार राय का निधन
बिहार सरकार के पूर्व कृषि मंत्री रामविचार राय का निधन

HighLights

  1. आपदा विभाग में पत्नी निर्मला देवी ने दिया आवेदन, सिविल सर्जन ने गठित की जांच समिति
  2. अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी समेत तीन चिकित्सकों का दल दावे की करेगा जांच

अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। कोरोना काल में बिहार के पूर्व मंत्री रामविचार राय की मौत हो गई थी। उनकी मौत के दो साल बाद स्वजन ने मुआवजे का दावा किया है। पूर्व मंत्री की पत्नी निर्मला देवी ने इस संबंध में आपदा विभाग को आवेदन दिया है।

आपदा विभाग के अपर समाहर्ता ने इस संबंध में नोडल पदाधिकारी को पत्र भेजा है। साथ ही विभाग ने कोरोना की तीनों लहर 2021, 2022 व 2023 में 912 पीड़ित परिवारों के बीच मुआवजे का विवरण भेजा है।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ितों के बीच करीब 41 करोड़ 40 लाख की राशि का वितरण किया गया है। 146 दावेदारों के बीच मुआवजा वितरण की कवायद चल रही है।

दावे की जांच को बनी टीम, कागजात की हो रही पड़ताल 

आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर आपदा विभाग से आवेदन आने के बाद अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा.एसपी सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।

इसमें सदर अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डा.सीके दास, जिला वेक्टजनित रोग पदाधिकारी डा.सतीश कुमार व जिला कुष्ठ निवारण यूनिट के चिकित्सा पदाधिकारी डा.मनीष कुमार झा शामिल हैं। स्वजन के दावे की स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करेगी।

पटना के एक अस्पताल में कराया था भर्ती 

पूर्व मंत्री की पत्नी ने आपदा विभाग को दिए आवेदन में बताया है कि माधोपुर बुजुर्ग पारू निवासी रामविचार राय बीमार हुए। उनको पटना के एक निजी असपताल में भर्ती कराया गया। भर्ती होने के बाद जांच में पता चला कि वह कोरोना संक्रमित हैं। इलाज के क्रम में 12 मई, 2021 को उनकी मौत हो गई।

पूर्व मंत्री अपने पीछे पत्नी समेत तीन पुत्री पुष्पा देवी, सोनी देवी व संगीता देवी समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। आवेदन में पूर्व मंत्री के स्वजन के नाम भी दर्ज किए गए हैं।

मुजफ्फरपुर के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. ज्ञानशंकर ने कहा कि आपदा विभाग की ओर से जो आवेदन आया है। उसकी जांच के लिए एसीएमओ की अध्यक्षता में एक टीम बनाई गई है। यह टीम जांच कर रिपोर्ट आपदा विभाग को भेजेगी।

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