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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: जांच टीम और आरोपित में गजब का मेल...इधर नोटिस और उधर बेल, मधेपुरा डीएम के चालक को थाने से मिली जमानत

By Dharmendra KumarEdited By: Mukul Kumar
Published: Thu, 30 Nov 2023 10:03 AM (IST)

जांच टीम और आरोपित में गजब का मेल देखा गया है। मधेपुरा डीएम के वाहन से दुर्घटना मामले में चालक ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

HighLights

  1. मधुबनी के फुलपरास में डीएम के वाहन से हुई दुर्घटना में तीन लोगों की मृत्यु का मामला
  2. मधेपुरा डीएम के चालक ने फुलपरास थाने से ली जमानत

जागरण संवाददाता, मधेपुरा। मधेपुरा डीएम के वाहन से दुर्घटना मामले में चालक भुट्टो पासवान को फुलपरास थाने से जमानत मिल गई है। यद्यपि इस मामले में अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार चालक ने मंगलवार को फुलपरास थाना पहुंचकर जमानत ली है। इधर जिला नजारत को पुलिस ने एक नोटिस भेजकर वाहन से संबंधित जानकारी मांगी है। डीपीआरओ कुंदन कुमार सिंह का कहना है कि नोटिस मिला है, लेकिन उसमें क्या है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

चालक के जमानत लेने के मामले में भी उन्होंने जानकारी होने से अनभिज्ञता जताई। मालूम हो कि डीएम की गाड़ी से 21 नंवबर को फुलपरास में हुए हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी।

इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दुर्घटना के बाद डीपीआरओ ने बताया था कि गाड़ी सर्विसिंग के लिए पटना भेजी गई थी। लौटने के दौरान दुर्घटना हुई है। डीएम गाड़ी पर सवार नहीं थे।

अधर में जांच 

मधेपुरा डीएम विजय प्रकाश मीणा के वाहन से हादसा मामले की जांच अधर में है। मधुबनी एसपी सुशील कुमार की देखरेख में बनी जांच टीम और मधेपुरा डीएम विजय प्रकाश मीणा व उनकी टीम इस मामले में मीडिया से कुछ भी बोलने से कतरा रही है।

हालांकि इन दोनों टीमों का आपसी तालमेल इतना शानदार है कि मंगलवार को अचानक जांच टीम का एक नोटिस मधेपुरा जिला प्रशासन को चला जाता है, वहीं मधुबनी के फुलपरास थाने से मधेपुरा डीएम कार्यालय के एक ड्राइवर भुट्टो पासवान जमानत ले लेते हैं।

यह सब एकदम गोपनीय तरीके से होता है। जबकि दुर्घटना के एक सप्ताह बाद तक यह स्पष्ट नहीं था कि हादसे को किसने अंजाम दिया। जांच टीम के गोपनीय नोटिस और आरोपित के जमानत लेने का यह अनूठा तालमेल है। मधेपुरा डीपीआरओ ने बताया कि जिला नजारत को जांच टीम का एक नोटिस मिला है।

चुप्पी का राज क्या है?

मीडिया के वर्ग में मधुबनी एसपी सुशील कुमार के हवाले से यह खबर छपती है कि डीएम की गाड़ी की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है, लेकिन राज्य के मुख्य सचिव आमीर सुबहानी स्पष्ट करते हैं कि उन्हें इस संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

वहीं, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. एस सिद्धार्थ ने कहा कि दुर्घटना से जुड़े कानून के अनुसार कार्रवाई हो रही है। इस मामले में मधुबनी से कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। अब सवाल यह उठता है कि एसपी ने जांच रिपोर्ट सौंपी किसे। दैनिक जागरण ने इस बाबत एसपी को फोन किया, मैसज किया लेकिन जवाब नहीं मिला।

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