कंफर्म टिकट के साथ दिल्ली-हरियाणा से बिहार आना आसान, छठ पर 5 से चल सकतीं इंटर स्टेट बसें
Bihar Inter State Bus Service: दीपावली और छठ के दौरान दिल्ली व हरियाणा से बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए ...और पढ़ें

परिवहन विभाग की ओर से की गई इस पहल से बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
HighLights
5 नवंबर से दीपावली-छठ के लिए बसें चलेंगी।
एसी और नॉन-एसी के कंफर्म टिकट मिलेंगे।
ट्रेन वेटिंग और निजी बसों की मनमानी से राहत।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Transport Department Bihar: दीपावली और छठ में दिल्ली और हरियाणा से बिहार आना और पर्व के बाद यहां से वापस लौटना किसी जंग में हिस्सा लेने जैसा ही होता है।
रेलवे की तमाम तैयारी के बाद भी लोगों को कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। ऐसे में परिवहन विभाग की ओर से की गई इस पहल से बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बस चलने की जगी उम्मीद
दीपावली व छठ के अवसर पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की अनुबंधित बसों के परिचालन की उम्मीद जगी है। पांच नवंबर से इसके परिचालन की उम्मीद है।
पटना मुख्यालय स्तर से इस तरह की जानकारी मिलने की चर्चा गुरुवार को निगम के इमलीचट्टी स्थित निगम कार्यालय में होती रही।
हालांकि बस संचालकों को सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा या नहीं और बसों के परिचालन की क्या रूपरेखा होगी, इसको लेकर विभागीय निर्देश का इंतजार है। जानकारों के अनुसार, एक नवंबर तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
एसी और नॉन-एसी का कंफर्म टिकट
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी से दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत कई राज्यों के लिए बसों का परिचालन पांच नवंबर से होने की उम्मीद है।
यात्रियों को यहां एसी और नॉन-एसी का गारंटीड कंफर्म टिकट मिल सकेगा। बसें एसी-नॉन-एसी, स्लीपर व कुर्सी वाले (सीटर) होंगी।
इन बसों के परिचालन से दीपावली व छठ जैसे पावन अवसर पर दूसरे प्रदेश से घर आना व पर्व समाप्त होने के बाद वापस लौटने में बड़ी सुविधा होगी।
ट्रेन में लंबी वेटिंग लिस्ट और टिकट नहीं मिलने से निराश चल रहे यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, त्योहारी सीजन में मनमाना किराया वसूलने वाले निजी बस संचालकों की मनमानी से भी यात्रियों को छुटकारा मिलेगा।
40 एसी स्लीपर बसों का परिचालन
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष निगम के अधीन इंटर स्टेट बस परिचालन पर सरकार की ओर से अनुदान दिया गया था। अनुदान मिलने से बस संचालकों को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिलती थी।
पिछले वर्ष मुजफ्फरपुर समेत कई रूटों के लिए करीब 40 एसी स्लीपर बसों का परिचालन हुआ था। इस बार अनुदान बंद होने की चर्चा के कारण निजी बस संचालक परिचालन में रुचि नहीं ले रहे थे, मगर फिलहाल कई बस संचालकों के आगे आने से इंटर स्टेट बस परिचालन की आस फिर से जाग गई है।
