मुजफ्फरपुर, जेएनएन। विगत दिनों संपन्‍न बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मुजफ्फरपुर की गायघाट विधानसभा सीट हाइप्रोफाइल सीट में थी। इसकी एक वजह यह थी कि यहां के सीटिंग विधायक पाला बदलकर जदयू में आ गए थे। दूसरी चीज, लोजपा ने यहां से कोमल सिंह को अपना उम्‍मीदवार बनाया था। वह वर्तमान में वैशाली लोजपा सांसद वीणा देवी की बेटी हैं। जबकि वीणा देवी यहां से खुद भाजपा से विधायक पूर्व में रह चुकी थीं। ऐसे में एक कड़े मुकाबले में जदयू के महेश्‍वर प्रसाद यादव की हार की समीक्षा के लिए कटरा,प्रखंड मुख्यालय स्थित बेनीपुरी भवन में शुक्रवार को एनडीए की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता देवेंद्र सहनी ने की। 

बैठक में पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव मुख्य अतिथि थे। इसमें हाल में हुए विधानसभा चुनाव में पराजय के कारणों की समीक्षा की गई। वक्‍ताओं ने कई बिंदुओं पर विचार किया। इस सीट से लोजपा के उम्‍मीदवार की वजह से हुए नुकसान का भी आकलन किया गया। एमएलसी दिनेश सिंह के प्रभाव के बारे में भी बात की गई। हालांकि चुुुुुनाव से पहले ही उन्‍हें पार्टी से निकला दिया गया था।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक महेश्‍वर यादव ने कहा कि कटरा प्रखंड में एनडीए मजबूत स्थिति में है। यहां कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत भी की। अगर, यही स्थिति गायघाट और बंदरा में होती तो एनडीए की जीत होती। हम सरकार के अंग होते। यहां पर वोटों के विखराव के कारण अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका। इस त्रिकोणीय मुकाबले में बहुत कम अंतर से परिणाम एनडीए के खिलाफ चला गया। उन्‍होंने गठबंधन के लोगों की हौसला आफजाई करते हुए नई ऊर्जा के साथ कार्य में जुट जाने की सलाह दी। बैठक में विधान सभा प्रभारी अरुण कुमार सिन्हा, परशुराम मिश्र, भाजपा अध्यक्ष अमित शर्मा, प्रवक्ता राजीव कुमार, विश्वनाथ सिंह, रामनरेश सिंह, सतीश सिंह, रामसकल चौधरी, नीरज कुमार, कैलाश यादव, चंद्रमाधव सिंह आदि मौजूद थे।

 

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