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बिहार में किसानों के डूबे खेतों का होगा हिसाब, बाढ़ से फसल क्षति का आकलन कराएगा विभाग

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:58 PM (IST)

बिहार में बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का अब सरकारी स्तर पर आकलन किया जाएगा। कृषि विभाग ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. बाढ़ प्रभावित किसानों की फसल क्षति का सरकारी स्तर पर आकलन।

  2. कृषि विभाग तीन दिनों में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश।

  3. 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान का अलग ब्योरा होगा।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बाढ़ की मार से जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उनके नुकसान का अब सरकारी स्तर पर हिसाब तैयार किया जाएगा। कृषि विभाग बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खेतों का आकलन कराएगा।

इससे कितने रकबे में फसल प्रभावित हुई और कहां 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ, इसकी अलग-अलग जानकारी सामने आएगी। विभाग ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को तीन दिनों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

33 प्रतिशत से अधिक नुकसान का अलग ब्योरा

जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने बताया कि निर्धारित विशेष प्रपत्र में फसल क्षति का आकलन किया जाएगा। इसमें बाढ़ से प्रभावित कुल रकबा और 33 प्रतिशत या उससे अधिक क्षतिग्रस्त फसल वाले रकबे का अलग-अलग विवरण देना होगा। इससे बाढ़ से फसल नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सीओ के हस्ताक्षर के साथ देनी होगी रिपोर्ट

प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र से तैयार रिपोर्ट संबंधित अंचलाधिकारी के हस्ताक्षर के साथ जिला कृषि कार्यालय में जमा करनी होगी। जिन प्रखंडों में बाढ़ से फसल को नुकसान नहीं हुआ है, वहां से भी शून्य प्रतिवेदन भेजना अनिवार्य किया गया है।

अगले सप्ताह होगी रिपोर्ट की समीक्षा

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह सभी प्रखंडों से प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद जिले की समेकित रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाएगी। निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं देने वाले प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पिछले माह लगातार बारिश से बनी बाढ़ की स्थिति

अनुमंडल कृषि पदाधिकारी पश्चिम मुकेश कुमार ने प्रखंड कृषि पदाधिकारियों से समन्वय कर विशेष प्रपत्र उपलब्ध करा दिया है। अधिकारियों को क्षेत्र से सही आंकड़े जुटाकर समय पर रिपोर्ट देने को कहा गया है। पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में लगातार हुई वर्षा के कारण जिले के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी थी, जिससे खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली थी। 

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