विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बिहार में फर्जी आधार से बांग्लादेशी का पासपोर्ट बनाने वाला रैकेट पकड़ा गया, दो गिरफ्तार

By Sanjeev kumarEdited By: Dharmendra Singh
Published: Thu, 01 Oct 2026 10:59 PM (IST)

मुजफ्फरपुर पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर बांग्लादेशी नागरिक का पासपोर्ट बनवाने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ...और पढ़ें

मुजफ्फरपुर में पुलिस की गिरफ्त में आरोपित। सौ. पुलिस

मुजफ्फरपुर में पुलिस की गिरफ्त में आरोपित। सौ. पुलिस

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर में फर्जी आधार-पासपोर्ट रैकेट का पर्दाफाश।

  2. बांग्लादेशी नागरिक के लिए बने फर्जी दस्तावेज।

  3. दो आरोपी साहिल और शिव कुमार पंडित गिरफ्तार।

संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर । बांग्लादेशी नागरिक का अवैध रूप से आधार कार्ड बनाकर पासपोर्ट बनाने वाले बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस दौरान दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ में इनकी पहचान पूर्वी चंपारण जिले के फुलकटिया के साहिल कुमार और छपरा जिले के टरवा मगर पाल के शिव कुमार पंडित के रूप में हुई है।

वर्तमान में ठाकुर नर्सिंग होम के पास कलमबाग इलाके में साहिल रहता था। इस संबंध में नगर थाने में प्राथमिकी की गई है। पूछताछ के बाद दोनों को गुरुवार की रात कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

प्राथमिकी में नगर थानेदार जेपी सिंह ने कहा कि गुप्त सूचना मिली कि मोतीझील इलाके में कन्हाई कम्यूनिकेशन में अवैध तरीके से दस्तावेज से छेड़छाड़ कर फर्जी आधार कार्ड बनाया जाता है।

इसके लिए लाभुको से मनमाना पैसा लिया जाता है। सूचना से वरीय अधिकारियों को अवगत कराते हुए मोतीझील स्थित कन्हाई कम्यूनिकेशन पर छापेमारी की गई। वहां से दुकान पर काम कर रहे साहिल को पकड़ा गया।

पूछताछ में बताया कि कन्हाई कुमार के कहने पर उसके दुकान में आधार कार्ड बनाते है। पासपोर्ट के लिए आनलाइल आवेदन करते है। साहिल का आरडीएस कालेज मुक्तिनाथ मंदिर के पास ओम कम्यूनिकेशन नामक दुकान भी है।

दुकान से एक डेल कंपनी का लैपटाप मिला। जिसे खोलकर देखने पर आधार बनाने वाला आधार इनरालमेंट क्लानेंट साफ्टवेयर डाउनलोड पाया, लैपटाप के बगल में यूआइडीएआइ मशीन, फिंगर स्कैनर, आंख स्कैनर, क्लोन थंब इप्ररेशन एवं आठ ओरिजनल आधार कार्ड मिला।

साहिल ने पूछताछ में बताया कि कन्हाई के दुकान में 2019 से काम करता है। बरामद यूआइडीएआइ मशीन के संबंध में बताया कि यह मशीन शिव कुमार पंडित, टरवा मगर पाल थाना दरियापुर जिला छपरा का है।

यह मशीन उसी के यूजर आइडी से चलता है। लागिन करते समय शिव कुमार पंडित के मोबाइल पर ओटीपी जाता है। इसके बाद साहिल के रामदयालु स्थित ओम कम्यूनिशन से बिना बैट्री का सिल्वर कलर का डेल कंपनी का लैपटाप मिला। उसके किराये के मकान में भी छापेमारी की गई।

साहिल के पास से मिले मोबाइल की जांच में लागिन ई-मेल आइडी उसके नाम का मिला। उसी आइडी पर रिजिनल पासपोर्ट आफिस पटना से आया एक ईमेल का पीडीएफ प्राप्त हुआ।

अवलोकन से पाया कि पासपोर्ट नंबर यू2185640, इश्यू डेट 22 अप्रैल 2020 है। वह मो. आफताब, पता दीवान रोड कल्याणी बड़ा लेन थाना नगर के पासपोर्ट में गलत सूचना देने की वजह से पासपोर्ट रद करने से संबंधित पीडीएफ को निकाल कर थाना अभिलेख का अवलोकन किया।

अवलोकन पश्चात पाया कि पासपोर्ट संख्या यू 2185640 बांग्लादेशी निवासी मो. बेलाल होसन के फर्जी दस्तावेज के आधार पर बना लिया है।

यह भी पढ़ें- बिहार के पते पर 30 अफगानी और दो बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट, आखिर कैसे हुए जारी?