मुजफ्फरपुर, जेएनएन। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मुजफ्फरपुर समेत छह जिलों के संबद्ध एवं प्रस्वीकृत इंटर कॉलेजों की संबद्धता रद कर दी है। बोर्ड की इस कार्रवाई की जद में मुजफ्फरपुर में सर्वाधिक 25 कॉलेज आए हैं। उसके अलावा पूर्वी चंपारण जिले में 22, वैशाली में 21, सीतामढ़ी में 13, पश्चिम चंपारण में आठ तथा शिवहर जिले में दो कॉलेजों की संबद्धता रद की गई है। बोर्ड के इस फैसले के खिलाफ शिक्षकों में भारी रोष उत्पन्न हो गया है।

इस फैसले के बाद बीआरए बिहार बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ की संचालन समिति ने शुक्रवार को आपात बैठक की। एलपी शाही डिग्री कॉलेज, गन्नीपुर में यह बैठक प्रो. पीके शाही की अध्यक्षता में हुई जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक शरीक हुए। एक स्वर में सभी शिक्षकों ने बोर्ड के इस फैसले पर क्षोभ एवं रोष प्रकट किया। शिक्षकों ने कहा कि बिहार बोर्ड के अध्यक्ष ने जान बूझकर यह फैसला लिया। आरोप लगाया कि अध्यक्ष की मंशा सिर्फ धन उगाही की है। एक सुनियोजित साजिश के तहत सभी महाविद्यालयों के प्रबंधन से संबद्धता प्रस्वीकृति विस्तार हेतु पुन: मोटी रकम वसूलने की नीयत से ऐसा किया गया है।

पूर्व में भी अध्यक्ष के द्वारा इसी तरह से संबद्धता प्रस्वीकृति के स्थायीकरण हेतु राशि जमा कराई गई थी मगर उसका कोई फलाफल सामने नहीं आ सका। शिक्षकों ने कहा है कि इस फैसले के खिलाफ सड़क से संसद तथा विश्वविद्यालय से न्यायालय तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाएंगे। इसके लिए डिग्री और इंटर महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मियों से आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया। बैठक में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. इनाम मोहम्मद, डॉ. राजीव कुमार, प्रो. उषा राय, प्रो. संतोष कुमार, डॉ. ललित किशोर, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. परमहंस चौधरी, प्रो. नवलकिशोर, प्रो. वासुदेव भगत, प्राचार्य अब्दुला, डॉ. सीमा कुमारी आदि मौजूद थे।  

Posted By: Ajit Kumar

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