मुजफ्फरपुर, जेएनएन। ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बैंकों एवं बीमा कार्यालयों में दूसरे दिन भी ताला लटका रहा। हड़ताल से लोगों को काफी परेशानी हुई। जगह-जगह सरकार विरोधी धरना-प्रदर्शन हुआ। बैंक कर्मियों ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को धोखेबाजों द्वारा खोखला किया जा रहा है। इसकी वजह से बैंकिंग क्षेत्रों की स्थिति बिगड़ती जा रही है। सरकार पूंजीपतियों को बचाने के लिए बैंक कर्मियों को तरह-तरह से परेशान कर रही है।

उबिग्रा बैंक के पेंशन मामले में लागू हो सुप्रीम कोर्ट के आदेश

यूनाइटेड फोरम आफ आरआरबी यूनियन के आह्वान पर सेन्ट्रल ट्रेड यूनियन के बारह सूत्री मांगों के समर्थन में आज दूसरे दिन भी ग्रामीण बैंक की शाखाओं में काम नहीं हुआ। उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के कलमबाग चौक स्थित प्रधान कार्यालय के समक्ष यूनाइटेड फोरम आफ आरआरबी यूनियंस के राष्ट्रीय संयोजक डीएन त्रिवेदी ने कहा कि देश भर में कार्यरत 90 हजार अधिकारी व कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इस दौरान उबिग्रा बैंक के पेंशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने की पुरजोर मांग की गई। 

   बिहार के दोनों ग्रामीण बैंकों उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार की 2110 शाखाओं में हड़ताल के कारण ताले लटकते रहे। इससे 30 हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। हड़ताल के दौरान ग्रामीण बैंक कर्मियों द्वारा 01 नवम्बर 1993 से पेंशन भुगतान, 01 अप्रैल 2010 के बाद बैंक में नियुक्त कर्मियों को भी एनपीएस के बदले पुराने पेंशन का लाभ तथा प्रायोजक व्यावसायिक बैंकों के समान सेवा शर्त की मांग की गई।

   धरना में उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक आफिसर्स कांग्रेस के महासचिव अरुण सिंह, इम्पलाइज फेडरेशन के महासचिव प्रशांत कुमार, आफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव रामअनुज, रिटायरिज यूनियन के महासचिव विनोद शरण और आफिसर्स फेडरेशन के सुधीर कुमार सिन्हा ने विचार व्यक्त किये।  

Posted By: Ajit Kumar

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