बेतिया। सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र कुमार चौधरी ने बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चनपटिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्तर पर कमी पायी गई। सीएस ने बताया कि प्रभारी चिकित्सा

पदाधिकारी,दंत चिकित्सक एवं आरबीएसके के चिकित्सक नदारद थे। जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को मिलने वाला लाभ कुछ समय से नहीं दिया जा रहा था। नतीजतन जवाब तलब करते हुए दोषी हर एक लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हुआ यूं कि करीब 1:45 बजे सिविल सर्जन अपने दल बल के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चनपटिया पहुंचे। सरकार की ओर से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की पड़ताल शुरू की। चिकित्सक व कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर एवं उपस्थिति पंजी तलब किया। अवलोकन के दौरान अधिकांश चिकित्सक एवं कर्मी अनुपस्थित पाए गए। हालांकि ओपीडी चल रहा था एक चिकित्सक कार्य कर रहे थे। सीएस प्रसव कक्ष पहुंचे। इस दौरान कक्ष के बाहर एक गर्भवती परेशान थी। दर्द से तड़प रही थी। सिविल सर्जन ने जब उक्त महिला की जानकारी प्राप्त की तो पता चला, कि वह सुबह करीब 6 बजे से ही तड़प रही है, लेकिन उसका इलाज अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इस लापरवाही को देख सीएस दंग रह गए। मौके पर उपस्थित एएनएम और कर्मचारियों को फटकार लगाया।उसके बाद उक्त गर्भवती की इलाज शुरू हुई। जननी बाल सुरक्षा योजना का फीडबैक लेने पर पता चला कि यहां करीब 5 सौ बैकलॉग चल रहा है। नतीजतन मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन ने 31 जुलाई तक सभी बैकलॉग को समाप्त करने का निर्देश दिया। मौके पर एपीडीमीयोलॉजिस्ट डॉ आरएस मुन्ना व अन्य उपस्थित रहे।

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