मुजफ्फरपुर,जेएनएन। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में कार्यरत प्राचार्यों के एसोसिएशन ने इस बात पर कड़ा एतराज जताया है कि उन्हें वाट्सएप मैसेज के जरिए कोई भी अधिकारी-कर्मचारी आननफानन दिशा-निर्देश भेजकर उसकी तामिल चाहता है। कहा कि आगे से कुलपति के आदेश से कुलसचिव द्वारा जारी निर्देश ही मान्य होंगे। मुजफ्फरपुर क्लब में डॉ. निर्मला कुमारी की अध्यक्षता में एसोसिएशन की आहूत बैठक में कई अन्य निर्णय भी लिए गए।

एमडीडीएम कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ममता रानी ने कहा कि नई बहाली में कई प्राध्यापिकाएं ऐसी नियुक्त हुई हैं, जिनकी गोद में बच्चे हैं। लिहाजा, उनके लिए प्रत्येक कॉलेज में डे केयर सेंटर बनना चाहिए। बैठक में प्राचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह, डॉ. रामनरेश कुंवर, डॉ. ओपी सिंह, डॉ. रामनरेश पंडित, डॉ. तारकेश्वर पंडित, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नारायण दास आदि मौजूद थे। संचालन व धन्यवाद ज्ञापन एसोसिएशन के सचिव डॉ. रमेश कुमार ने किया।

बैठक में ये मांगें भी उठीं

-जिन प्राचार्यों को 62 वर्ष में सेवानिवृत्त किया गया उन सभी का पेंशन, ग्रेच्युटी लंबित रखने से नाराजगी।

-यूनिवर्सिटी परीक्षा के लिए एडवांस न देकर प्रति छात्र एक दर तय कर भुगतान किया जाए। जैसे बिहार बोर्ड करता है।

-ऑनलाइन अप्लाई में यूनिवर्सिटी द्वारा ली गई राशि में से कॉलेज की हिस्सेदारी का शीघ्र भुगतान हो।

-यूनिवर्सिटी की पूर्व में हुईं परीक्षा मद का भुगतान भी अविलंब हो।  

Posted By: Ajit Kumar

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप