मुजफ्फरपुर, जेएनएन। हैमर थ्रोअर अंजनी कुमार ओझा वल्र्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने फ्रांस जाएंगे। मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने मलेशिया में 2 से 7 दिसंबर तक 21वीं एशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लेने वाली दो सदस्यीय भारतीय टीम में उनका चयन किया है। जिले के खबड़ा निवासी अंजनी कुमार ओझा इससे पूर्व भी कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शिरकत कर चुके हैं। अब तक देश को पांच पदक दिए हैं।

पहली बार 2005 में जीता था रजत पदक

पहली बार 2005 में बैंकाक में टैक एंड फील्ड प्रतियोगिता के हैमर स्पर्धा में रजत पदक जीता था। 2009 में बेंगलुरू में एशियन टैक एवं फील्ड में देश के लिए कांस्य पदक हासिल किया था। जापान के कीटाकामी में 18वीं एशिया मास्टर्स चैंपियनशिप में भाग लिया था। हालांकि कोई पदक नहीं जीत सके लेकिन स्पर्धा के फाइनल में जरूर जगह बनाई थी। राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स में 2004 से लगातार बिहार टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और अबतक दो स्वर्ण, चार रजत एवं तीन कांस्य पदक जीत चुके हैं।

हैमर थ्रो में विवि में कायम किया रिकॉर्ड

अंजनी ने खेल जीवन की शुरुआत वर्ष 1976 में आरडीएस कॉलेज के छात्र के रूप में की थी। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय की प्रतियोगिता में उन्होंने हैमर थ्रो में 43.24 मीटर का रिकॉर्ड कायम किया। इस रिकॉर्ड को आजतक विवि का कोई खिलाड़ी तोड़ नहीं सका है।

एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अंजनी की उपलब्धियां

* ’वर्ष 2004 में इंफाल में ऑल इंडिया मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता के हैमर थ्रो स्पर्धा मे स्वर्ण पदक

* ’2005 में थाईलैंड के बैंकाक में एशिया मास्टर्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक ’

* 2006 में हैदराबाद में ऑल इंडिया मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में कांस्य पदक

* 2007 में मलेशिया में एशियन टैक एंड फिल्ड प्रतियोगिता में रजत पदक ’

* 2009 में मेडिड में वल्र्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व ’

* 2010 में बेंगलुरू में एशियन ट्रैक एवं फिल्ड मास्टर्स मीट में कांस्य पदक ’

* 2013 में ब्राजील में वल्र्ड मास्टर्स मीट में और वर्ष 2014 में जापान में एशियन टैक एवं फील्ड प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।

Posted By: Murari Kumar

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