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अनंत चतुर्दशी कल, भगवान विष्णु के साथ माता गौरी और गणेश के पूजन की विशेष परंपरा

Published: Thu, 24 Sep 2026 05:55 AM (IST)

Anant Chaturdashi Puja Muhurat: अनंत चतुर्दशी पर्व 25 सितंबर को श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा, जिसमें भगवान विष्णु, माता गौरी और ...और पढ़ें

धर्मग्रंथों में इस व्रत एवं पूजन का विशेष फल बताया गया है।

धर्मग्रंथों में इस व्रत एवं पूजन का विशेष फल बताया गया है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Anant Chaturdashi 2026: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाने वाला पवित्र अनन्‍त चतुर्दशी पर्व 25 सितंबर को बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया जाएगा।

इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ माता गौरी और भगवान गणेश के पूजन की विशेष परंपरा रही है। धर्मग्रंथों में इस व्रत एवं पूजन का विशेष फल बताया गया है।

शुभ पूजन मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पूजन का विशेष शुभ मुहूर्त सुबह 8:35 बजे से शुरू होकर शाम 4:10 बजे तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान विष्णु का पूजन कर सकेंगे।

पूजन संपन्न होने के पश्चात 14 गांठों वाला पवित्र अनंत सूत्र धारण करने की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाएगी।

अनंत सूत्र का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार 14 गांठों वाला यह अनंत सूत्र जीवन में आने वाले सभी प्रकार के संकटों से रक्षा करता है। पुरुष इस रक्षासूत्र को अपनी दाहिनी बांह पर और महिलाएं इसे अपनी बाईं बांह पर धारण करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत का पुण्य कभी क्षय नहीं होता है।

पांडवों ने भी किया था व्रत

पौराणिक कथाओं के अनुसार जब पांडव जुए में अपना सब कुछ हारकर वन-वन भटक रहे थे तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें यह व्रत करने का सुझाव दिया था।

पांडवों ने विधि-विधान से व्रत रखकर अनंत सूत्र धारण किया था जिसके बाद उनके सभी कष्ट दूर हो गए थे। इस दिन शेषनाग की शैया पर विराजमान श्रीहरि की पूजा की जाती है।

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