मुजफ्फरपुर, जेएनएन। नगर थाना क्षेत्र के करबला निवासी अधिवक्ता मो.जर्रेयाब उर्फ खुर्रम हत्याकांड में चार दोषियों को सोमवार को सजा सुनाई जाएगी। दो दिन पहले मामले के सत्र-विचारण के बाद फास्र्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- एक ने चारों को दोषी करार दिया था। इसमें करबला मोहल्ला के अब्दुल रसीद,उसकी पत्नी खैरून निशा, बड़ा भाई अब्दुल हफीज व पुत्र मो.अली है। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 30 सितंबर की तारीख मुकर्रर कर रखी है।

यह है मामला

 घटना आठ अप्रैल 2011 की रात आठ बजे करबला मोहल्ले में घटी। खुर्रम के चाचा व नगर निगम के पूर्व उपमहापौर निशारूद्दीन उर्फ छोटे ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उस रात वे एक बैठक से घर लौटे थे। अब्दुल रसीद की बहन राबिया खातून उनके पास आई और बोली कि उसका भाई, भौजाई व भतीजा ने उसे घर से निकाल दिया है। वे अपने भतीजा जर्रेयाब उर्फ खुर्रम के साथ अब्दुल रसीद व उसके परिजनों को समझाने गए। आरोपितों ने उन्हें व उनके भतीजा खुर्रम को घेर लिया। खुर्रम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार करने लगा। उसे बचाने पहुंचे मो.गौस याकूबी, मो.नयाब याकूबी व मो.निमाई याकूबी को भी चाकू घोंप गंभीर रूप से घायल कर दिया। निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने के क्रम में खुर्रम की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य घायलों का लंबे समय तक इलाज चला था।  

Posted By: Ajit Kumar

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