सीतामढ़ी, जासं। सीतामढ़ी जंक्शन पर मंगलवार तड़के रेलवे कैंटीन के संचालक अरुण कुमार सिंह (70) की चाकू गोदकर हत्या के मामले में रेल पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिनसे पूछताछ में पुलिस को इस घटना के पर्दाफाश का भरोसा है। हिरासत में लिए गए सभी चारों से पुलिस की स्पेशल टीम मुजफ्फरपुर ले आकर पूछताछ करने में जुटी हुई है। इन लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक महिला वह भी है जो इस कैंटीन में दाई का काम करती थी। वारदात की रात उस कैंटीन के अंदर यह भी सोई हुई थी और उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए यह अफवाह उड़ाई की अपराधियों ने घटना को अंजाम देने के बाद उसके मोबाइल छीन लिए और मार पीटकर डराया-धमकाया।

बथनाहा थाना क्षेत्र की रहनेवाली सूर्यकला देवी 2006 से इस कैंटीन में काम करती थी। पुलिस ने सबसे पहले इसी दाई को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की। इस पूछताछ में क्या कुछ निकलकर सामने आया है, रेल पुलिस ने इसके बारे में अभी मोहलत मांगी है। गौरतलब है कि कैटरर अरुण कुमार शिवहर जिले के पिपराही थाने के धनकौल गांव के रहने वाले थे। तकरीबन 40 वर्षों से अधिक समय से रेलवे में कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े हुए थे।

रेलवे स्टेशन पर ठेला, खोमचा के साथ और भी कई स्टॉल उनके थे। मंगलवार रात अपनी कैंटीन के अंदर सो रहे थे। अपराधियों ने कैंटीन के अंदर घुसकर चाकू गोद-गोदकर मौत के घाट उतार दिया। रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई है। आरपीएफ एवं जीआरपी की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बाएं-दाएं दोनों थाने हैं। इसलिए पुलिस के लिए भी इस वारदात को जल्द से जल्द उदभेदन प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर अनिता कुमारी, जीआरपी प्रभारी प्रवीण कुमार के साथ मुजफ्फरपुर रेल डीएसपी अतनु दत्ता, सीतामढ़ी सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार भी इस केस की जांच कर रहे हैं।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh