मधुबनी, जासं। जिला शिक्षा पदाधिकारी नसीम अहमद ने लिपिक चन्द्र किशोर प्रसाद एवं मो. रिजवान रियाजी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश डीपीओ स्थापना को दिया है। माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान में अनियमितता, 71 लाख 16 हजार 61 रुपये सरकारी राशि को अवैध तरीके से अपने बैंक खाता में लेने, धोखाधड़ी, षडयंत्र रचने, गबन, छल-प्रपंच करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। उक्त दोनों लिपिकों को जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुशंसा के आलोक में क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दरभंगा पहले ही निलंबित कर चुके हैं। अब इन दोनों लिपिकों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

डीईओ ने कहा कि उक्त दोनों लिपिकों ने आपराधिक घटना को अंजाम दिया है। सरकारी राशि का अपव्यय किया है। अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया है। विभाग को गुमराह किया है। चन्द्र किशोर प्रसाद जिला संवर्ग के हैं जो जीएमएसएस प्लस टू उच्च विद्यालय, मधुबनी में पदस्थापित हैं। वे डीपीओ-स्थापना कार्यालय में प्रतिनियुक्त थे और प्रतिनियुक्ति अवधि में ही वित्तीय अनियमितता को अंजाम दिया था। बहरहाल, इन्हें निलंबित किया जा चुका है। वहीं, लिपिक मो. रिजवान रियाजी डीपीओ-स्थापना कार्यालय में पदस्थापित एवं प्रमंडलीय संवर्ग के लिपिक हैं। इन्हें भी निलंबित किया जा चुका है।

गौरतलब है कि वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आने पर डीईओ ने संपूर्ण मामले की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया था। जांच समिति ने संपूर्ण मामले की जांच कर विस्तृत जांच रिपोर्ट डीईओ को सौंपा। जांच में यह बात सामने आया कि लिपिक चन्द्र किशोर प्रसाद संचिका प्रभारी के रूप में 17 लाख 15 हजार 296 रुपये और लिपिक मो. रिजवान रियाजी संचिका प्रभारी के रूप में 54 लाख 765 रुपये कुल 71 लाख 16 हजार 61 रुपये का अवैध हस्तांतरण लिपिक चन्द्र किशोर प्रसाद के बैंक खाता में कर दिया। यह राशि माध्यमिक शिक्षकों के वेतन भुगतान मद की थी। हालांकि, मामले का पर्दाफाश होने पर लिपिक चन्द्र किशोर प्रसाद 62 लाख रुपये वापस संबंधित सरकारी खाता में जमा भी कर दिया।

Edited By: Dharmendra Kumar Singh