पश्चिम चंपारण [जेएनएन]। बबलू की बहादुरी के चर्चे सबकी जुबां पर हैं। हो भी क्यों न, जान की परवाह न करते हुए वह अपनी भैंस बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ जो गया था। मगरमच्छ के मुंह से भैंस को सुरक्षित खींच निकाला। हालांकि, इस संघर्ष में वह घायल हो गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत भी है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि नाले से मगरमच्छ को निकाल गंडक नदी में छोड़ा जाए।
मगरमच्छ ने भैंस पर बाेला हमला
बिहार के बगहा नगर के नरईपुर मोहल्ला निवासी अमर यादव का पुत्र बबलू 22 साल का युवक है। सोमवार की शाम में वह पास में बहने वाले घघ्घा नाले के किनारे चर रहीं भैंसों की देखरेख कर रहा था। वह लाठी लेकर आराम से बैठा था। उसकी एक भैंस पानी पीने नाले की ओर गई। इसी बीच अचानक पानी में हलचल हुई, फिर एक मगरमच्छ ने भैंस पर हमला बोल दिया।
भैंस को बचाने में मगरमच्‍छ से भिड़ा, घायल
बबलू पहले तो डरा, फिर भैंस की सुरक्षा की चिंता हुई तो बिना समय गंवाए लाठी लेकर मगरमच्छ की ओर दौड़ पड़ा। भैंस को बचाने के लिए लाठी से मगरमच्छ को पानी के भीतर धकेलने की कोशिश करने लगा। गुस्साए मगरमच्छ ने भैंस को छोड़ उसपर हमला बोल दिया। उसके पैर को अपने मुंह में कस पानी में खींचने लगा। बबलू ने इस विकट परिस्थिति में भी हिम्मत नहीं हारी। लाठी के सहारे मगरमच्छ से खुद को छुड़ाया। हालांकि, तब तक उसका एक पैर जख्मी हो चुका था। इसके बाद सभी भैंसों को लेकर किसी तरह घर पहुंचा। वहां से परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया।
चहुंओर बहादुरी के चर्चे, विधायक ने भी सराहा
घटना के बाद पूरे इलाके में बबलू के चर्चे हैं। सभी उसकी बहादुरी की प्रशंसा कर रहे हैं। बगहा के विधायक आरएस पांडेय ने भी कहा कि साहसी युवक की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। उससे मिलूंगा और सम्मानित करूंगा। बगहा वन क्षेत्र के रेंजर संजीव कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने पर पीडि़त को वन विभाग उचित मुआवजा देगा। मगरमच्छ को पकड़कर गंडक में छोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
इलाके में पहले भी कई बार हमला कर चुके मगरमच्छ
- 20 जनवरी 2017:
भितहां के रेड़हा में भैंस की पूंछ पकड़कर गंडक पार कर रहे किसान अशर्फी यादव को मरगमच्छ ने निगल लिया।
- 17 जुलाई 2017: बगहा नगर के मलकौली मोहल्ले में घर में घुसा मगरमच्छ, बाल-बाल बची लोगों की जान।
- 20 अगस्त 2017: बगहा दो प्रखंड की बिनविलया बोदसर पंचायत के एक गांव में घुसा मगरमच्छ, जान बचाकर भागे लोग।
- 29 अगस्त 2017: लौकरिया थाना क्षेत्र के पिपरा धिरौली निवासी 60 वर्षीय पारस यादव ने मगरमच्छ से भिड़कर बचाई थी जान।
- 9 सितंबर 2017: वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के पिपराकुट्टी गांव निवासी इब्राहिम अंसारी ने मगरमच्छ से भिड़कर बचाई खुद की जान।
- 24 अप्रैल 2018: वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के कोतरहां में तालाब में कपड़ा धो रही 28 वर्षीय शांति देवी पर मगरमच्छ ने बोला हमला, बाल-बाल बची जान।
- 26 जून 2018: लौकरिया के पिपराडीह में हरहा नदी पार कर रही लालपरी देवी (24 वर्ष) पर मगरमच्छ ने बोला हमला, बची जान।
- 08 सितंबर 2018: मदनपुर के मतौरा टोला में घर के बाहर सो रहे मजदूर शारदा मुसहर पर मगरमच्छ ने बोला हमला, किसी तरह बची जान।
- 30 अक्टूबर 2018: मलकौली निवासी धीरज पांडेय के घर में घुसा मगरमच्छ, परिजनों ने भागकर बचाई जान।

Posted By: Ajit Kumar

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