मुजफ्फरपुर, प्रतिनिधि : हमारा देश ऋषि व कृषि प्रधान देश है। ऋषि आशीर्वाद से संस्कार मिलता है और संस्कार से बुद्धि-विवेक का सृजन होता है। ये बातें खरौना स्थित शक्ति स्थल जगदंबा स्थान में चल रहे प्राण प्रतिष्ठा सह होमात्मक शतचंडी महायज्ञ के चौथे दिन सोमवार को प्रवाचिका वैदेही शरण ने कही। उन्होंने कहा कि कृषि से व्यक्ति को जीवन जीने की राह मिलती है। इस तरह किसी देश के उत्थान के लिए ऋषि व कृषि दोनों का महत्वपूर्ण स्थान है। इसके पूर्व आचार्य योगेन्द्र शर्मा के सान्निध्य में मां भगवती के चौथे स्वरूप माता कुष्मांडा का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन किया गया। यज्ञ में मुख्य यजमान कुंदन कुमार थे। यज्ञ में लोगों की उपस्थिति को देख ऐसा लग रहा था जैसे सारा गांव ही शक्ति की भक्ति में लीन हो गया हो। यज्ञ में राम विनोद चौधरी, रामचंद्र चौधरी, राधेश्याम, सुरेन्द्र चौधरी, भूषण चौधरी, शंकर चौधरी, राजमंगल चौधरी आदि थे।

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