मुजफ्फरपुर : मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार और ब्रांकियोलाइटिस का संक्रमण बढ़ रहा है। सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में 122 बच्चों का इलाज चल रहा है। इस बीमारी के हाई रिस्क जोन में 35 गांव आए हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग व केयर इंडिया की टीम सामाजिक आर्थिक गणना कर रही है। एईएस से पीड़ित व रोग मुक्त बच्चों पर इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा है। इसको लेकर विभाग सजगता बरत रहा है।

एसकेएमसीएच व केजरीवाल में भर्ती हुए 46 बच्चे

वायरल बुखार व ब्रांकियोलाइटिस से पीड़ित एसकेएमसीएच में 54 व केजरीवाल अस्पताल में 68 बच्चों का इलाज चल रहा है। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डा.गोपाल शंकर सहनी ने बताया कि पिछले 24 घटे में 10 नए मरीज आए। इसके साथ ही 54 बच्चों का इलाज चल रहा है। स्वस्थ होने पर 32 बच्चे अपने घर चले गए। वहीं बिना सूचना के चार बच्चे स्वजन संग चले गए हैं। उनको लामा की सूची में रखा गया है। केजरीवाल अस्पताल के केयर टेकर रंजन मिश्रा ने बताया कि उनके यहां 36 नए बच्चे भर्ती हुए हैं। 37 बच्चों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। सिविल सर्जन डा.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि वायरल बुखार और ब्रांकियोलाइटिस का पता लगाने के आशा घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। केयर इंडिया के जिला समन्वयक सौरभ तिवारी के नेतृत्व में उनकी टीम सामाजिक आर्थिक गणना कर रही है। सीएस ने कहा कि इधर मरीजों की संख्या में उतार-चढ़ाव चल रहा है।

पांच साल से कम उम्र वाले ज्यादा प्रभावित

इस बीमारी की चपेट में सबसे ज्यादा पाच साल से कम उम्र के बच्चे आ रहे हैं। केयर इंडिया की ओर से चल रहे सर्वे में यह बात सामने आई है कि आठ दिनों में 850 बच्चों का इलाज किया गया। 499 बच्चे पाच साल से कम और 351 पाच से 10 साल की उम्र के शामिल हैं।

इन गांवों में मिले मरीज

विभाग की रिपोर्ट के अनुसार औराई, बंदरा, बोचहां के कन्हारा, सिमरी, शातिपुर, मिश्ररोलिया, गायघाट के लक्ष्मण नगर, काटी के ढेमहा, कटरा के धनौर, कुढ़नी के बलिया, केशोपुर, मड़वन के बड़कागाव, रक्शा, मीनापुर के अलिनेउरा, कोदरिया, हरका, मोतीपुर के सिगहौला, मुरौल के मुरौल, मीरापुर, मुशहरी के मनिका, बुधनगरा, राधानगर, प्रहलादपुर, पारू के पारू, आनंदपुर खरौना, सकरा के बागी, केशोपुर, सरैया के चकइब्राहिम, मड़वा पाकड़ व सरैया गांव शामिल हैं। एईएस से स्वस्थ बच्चों पर वायरल बुखार का खतरा, विभाग अलर्ट

एईएस पीड़ित व उससे स्वस्थ हुए बच्चों पर वायरल बुखार व ब्रांकियोलाइटिस का खतरा ज्यादा है। जानकारी के अनुसार एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड से इलाज के बाद स्वस्थ्य हुए 74 बच्चों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। स्वस्थ हुए बच्चे जिन प्रखंडों के जिस गाव के हैं, वहा के पीएचसी प्रभारियों को नियमित स्वास्थ्य जाच कराने का फरमान जारी किया गया है। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डा.गोपाल शकर सहनी के अनुसार पीकू वार्ड में भर्ती एईएस से स्वस्थ हुए बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। एक एईएस पीड़ित बच्चे को वायरल बुखार हुआ। उनका इलाज किया गया। उसके बाद ज्यादा सजगता बरती जा रही है। ऐसे में अन्य बच्चे इसकी चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जहां भी जांच करे। अगर वायरल बुखार की आशका हो तो उसे एसकेएमसीएच रेफर करे। यहांपीकू वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जाएगा। सिविल सर्जन ने बताया कि पीएचसी से पीड़ित बच्चे को एसकेएमसीएच भेजने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी।

Edited By: Jagran