मुजफ्फरपुर, जासं। Weather Report of Muzaffarpur: मानसून के आगमन के साथ लगातार बारिश हो रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। मंगलवार को जिले में वर्षापात का औसत 48.9 मिलीमीटर रहा। सबसे ज्यादा साहेबगंज 80.6 व सबसे कम सरैया में 34.2 मिमी बारिश हुई। ग्रामीण कृषि मौसम सेवा डा.राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 16 से 20 जून तक बारिश की संभावना है। 16 जून की सुबह में उत्तर बिहार के जिलों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। 20 जून की सुबह तक मानसून के सक्रिय रहने के कारण वर्षा की संभावना बनी रहेगी और जिसके कारण अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इस अवधि में कुल 60-70 मिलीमीटर तक वर्षा होने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सापेक्ष आद्र्रता सुबह में 90 से 95 प्रतिशत तथा दोपहर में 30 से 85 प्रतिशत रहने की संभावना है। पुरवा हवा औसतन 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से रहने की संभावना है।

किसानों के लिए सुझाव

- जिस खेतों में वर्षा का जलजमाव हो गया हो, वहां से जल निकासी की व्यवस्था करें।

--गरमा सब्जियों की फसल में आवश्यकतानुसार निकाई-गुड़ाई करें कीट-से बचाव का उपाय कर सकते हैं।

- बरसाती सब्जियों जैसे- ङ्क्षभडी, लौकी, मैनुआ करैला, खीरा की लिए तैयारी की जुताई कर कम्पोस्ट का अधिक से अधिक प्रयोग करें।

सबसे ज्यादा साहेबगंज में हुई बारिश

प्रखंड-------वर्षापात

औराई----32.4 मिमी

बंदरा---44.6 मिमी

बोचहां---38.6 मिमी

गायघाट---39.2 मिमी

कांटी----64.4 मिमी

कटरा----25 मिमी

कुढनी-----47.2 मिमी

मडवन----63.2 मिमी

मीनापुर----61 मिमी

मोतीपुर----79.4 मिमी

मुरौल---35.2 मिमी

मुशहरी----59.8 मिमी

पारू------46 मिमी

साहेबगंज-----80.6 मिमी

सकरा----32.6 मिमी

सरैया-----34.2 मिमी 

शिवहर : जिले में लगातार तीसरे दिन बारिश का दौर जारी है। मंगलवार की रात कुछ इलाकों में जमकर बारिश हुई। वहीं बुधवार की सुबह से भी रूक-रूककर बारिश जारी है। पिछले 24 घंटे के भीतर 22.8 मिमी बारिश हुई है। आसमान में घने बादल छाए हुए है। पूरे दिन बारिश के आसार है।

दरभंगा : जिले में बुधवार की सुबह हल्की धूप खिली। हालांकि आसमान में बादल मंडराते रहे। मंगलवार की बारिश के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के निचले हिस्सों में जल-जमाव कायम हो गया है। इस कारण से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।