यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मां होगी नेक तभी बेटा गौस पाक जैसा

मुजफ्फरपुर, संवाददाता : 'गौस का जिस पर हो गया साया, रब का सहारा उसने पाया, गम के मारो गम से न हारो, गौस पिया को दिल से पुकारो'। पीरान-ए-पीर दस्तगीर हजरत गौस पाक अब्दुल कादिर जिलानी रजी. की उल्फत में अकीदतमंद रविवार रात मचलते रहे, नारे लगाते रहे।
मौका था दाता कंबल शाह मजार के समीप स्थित मदरसा बीबी सोगरा में आयोजित 'फैजान-ए-गौस आजम' कांफ्रेंस का। देश के कोने-कोने से पहुंचे शायरों ने पूरी रात मनकबत से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। मजमे के कोने-कोने से या गौस का नारा गूंजता रहा। उलेमाओं ने कहा कि गौस पाक का मर्तबा बुलंद है। मां के शिकम (पेट) में ही उन्होंने कुरान को कंठस्थ कर लिया था। मां जब कुरान की तिलावत करती, वे याद करते थे। उलेमाओं ने कहा कि मां नेक होगी तभी बेटा हजरत गौस पाक जैसा होगा। सदारत मुफ्ती अहसन रजवी व हिमायत मुफ्ती शमीमुल कादरी ने की। उलेमाओं में बरेली शरीफ से हजरत इमरान रजा खां उर्फ समनानी मियां, दरभंगा के अल्हाज नसीमुद्दीन, पटना से मौलाना हसन रजा खां, नवादा से मौलाना नोमान अख्तर फाएकुल जमाली, वैशाली से मौलाना फखरुद्दीन व शायरों में साजिद मरपावी, नौशाद फैजी, महफूज कामिल ने शिरकत की। नकाबत मौलाना गुलाम मुजक्कीर ने किया। मदरसा के सरपस्त हाजी तौहीद आलम व सचिव हाजी तनवीर आलम ने लोगों का खैरमकदम किया। मौके पर मदरसा से तालीम पूरी कर चुके बच्चों की दस्तारबंदी भी हुई।
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