मुजफ्फरपुर। करजा थाना क्षेत्र के एक गांव में तीन साल पहले 14 वर्षीया किशोरी के साथ चार लोगों द्वारा अलग-अलग दुष्कर्म करने के मामले में दूसरे दोषी लखींद्र ठाकुर के सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। एडीजे-सात व विशेष पाक्सो न्यायाधीश ने उसे भी पाक्सो एक्ट की धारा-चार के तहत दस वर्ष का कठोर कारावास, 50 हजार रुपये जुर्माना एवं आइपीसी की धारा 506 के तहत दो वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी। जुर्माना की राशि नहीं देने पर उसे एक वर्ष अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले में अलग-अलग सत्र विचारण के बाद विशेष पाक्सो कोर्ट के न्यायाधीश ने 16 अगस्त को लखींद्र व बसावन राय को दोषी करार दिया था। विशेष कोर्ट ने 18 अगस्त को बसावन राय को भी यही सजा सुनाई। किशोर होने के कारण दो अन्य आरोपितों का मामला किशोर न्याय परिषद (जेजे बोर्ड ) को सौंप दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो)अजय कुमार ने लखींद्र के खिलाफ आठ गवाहों को कोर्ट में पेश किया था। चार आरोपित धमकी देकर करता था दुष्कर्म : दुष्कर्म के चार-पांच माह बाद किशोरी को उबकाई आनी शुरू हुई। स्वजनों ने उससे पूछताछ की। किशोरी ने बताया कि गांव का ही चार आरोपित उसे धमकी देकर अलग-अलग समय में आकर दुष्कर्म करता था। मामला सामने आने पर उसके पिता ने 22 फरवरी 2018 को करजा थाना में चारों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। बेटी के गर्भवती होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने चिकित्सीय जांच कराई तो उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। बाद में वह एक पुत्र को जन्म दी। उसका पुत्र जीवित है। कोर्ट में गवाही के दौरान वह पुत्र के साथ आई थी।

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