भागलपुर का विक्रमशिला सेतु बंद होने से श्रीकृष्ण सेतु और मुंगेर फोरलेन पर बढ़ा ट्रैफिक; नया रूट मैप देखकर करें यात्रा
विक्रमशिला सेतु बंद होने से मुंगेर की सड़कों पर यातायात का भारी दबाव बढ़ गया है, जिससे श्रीकृष्ण सेतु और ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु बंद होने से मुंगेर में ट्रैफिक का दबाव।
HighLights
विक्रमशिला सेतु बंद होने से मुंगेर में यातायात दबाव बढ़ा।
श्रीकृष्ण सेतु और फोरलेन बने प्रमुख वैकल्पिक मार्ग, 35 किमी पर प्रबंधन।
पांच संवेदनशील बिंदुओं पर 30 ट्रैफिक जवान 24 घंटे तैनात।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। उत्तर और पूर्वी बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु पर बुधवार की मध्यरात्रि 12 बजे से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद होते ही मुंगेर जिले की सड़कों पर अचानक यातायात का भारी दबाव बढ़ गया है। भागलपुर, बांका, जमुई और झारखंड से कोसी-सीमांचल व उत्तर बिहार की ओर जाने वाले भारी व हल्के वाहनों के लिए अब श्रीकृष्ण सेतु और निर्माणाधीन मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन ही एकमात्र मुख्य वैकल्पिक मार्ग बन गया है।
फोरलेन पर वर्तमान में केवल दो ही लेन चालू हैं और कई महत्वपूर्ण स्थानों पर डायवर्सन बने हुए हैं। ऐसे में संभावित महाजाम की चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन व पुलिस ने श्रीकृष्ण सेतु से घोरघट पुल तक लगभग 35 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर चाक-चौबंद सुरक्षा व ट्रैफिक प्रबंधन लागू किया है। इसके तहत पांच संवेदनशील प्वाइंट्स पर 30 ट्रैफिक जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो तीन शिफ्टों में 24 घंटे कमान संभालेंगे।
35 किमी सफर कर परखी जमीनी हकीकत
बुधवार को दैनिक जागरण की टीम ने श्रीकृष्ण सेतु से लेकर घोरघट तक 35 किलोमीटर का सफर तय कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। यात्रा के दौरान पाटम के पास प्रमुख डायवर्सन दिखा, जहां वाहन चालकों के मार्गदर्शन के लिए एनएचएआई ने बड़े साइनेज बोर्ड लगाए हैं।
आगे बरियारपुर ओवरब्रिज के नीचे खड़गपुर और जमुई की ओर जाने वाले वाहनों के लिए डायवर्सन बनाया गया है। यहां वाहनों की गति धीमी न पड़े, इसके लिए एनएचएआई द्वारा गिट्टी और मोरंग डालकर सड़क को समतल व मोटरेबल किया जा रहा है।
मुंगेर वैकल्पिक मार्ग: नया रूट चार्ट व व्यवस्था एक नजर में
वैकल्पिक लाइफलाइन: श्रीकृष्ण सेतु और निर्माणाधीन मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन।
मुंगेर से भागलपुर दूरी: करीब 58 किलोमीटर।
छोटे वाहनों का रूट: तेलिया तालाब से रामनगर तक बने दोनों ओर के संपर्क पथ $\rightarrow$ कंतपुर व काली स्थान बरियारपुर होकर फोरलेन।
मोकामा से आने वाले वाहन: सफियाबाद $\rightarrow$ तेलिया तालाब सर्विस लेन $\rightarrow$ फोरलेन।
डायवर्सन प्वाइंट्स: पाटम (साइनेज बोर्ड स्थापित) और बरियारपुर ओवरब्रिज के नीचे (खड़गपुर-जमुई मोड़)।
ट्रैफिक तैनाती: 5 प्रमुख स्थानों (तेलिया तालाब, नया रामनगर, बरियारपुर फोरलेन, बरियारपुर अंडरपास, तीनबटिया) पर 30 जवान, 3 शिफ्ट, 24 घंटे।
इधर, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन के साथ पूरे रूट का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बरियारपुर और तेलिया तालाब जैसे क्रिटिकल प्वाइंट्स का बारीकी से मुआयना किया और जवानों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सड़क पर किसी भी सूरत में वाहनों की लंबी कतार नहीं लगनी चाहिए।
श्रीकृष्ण सेतु पर बढ़ा दबाव
विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर की ओर से भागलपुर आने-जाने वाले वाहनों का रुख सीधे श्रीकृष्ण सेतु की तरफ मुड़ गया है। वाहन श्रीकृष्ण सेतु पार कर तेलिया तालाब पहुंचेंगे और वहां से सर्विस लेन के जरिए मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर प्रवेश कर भागलपुर (दूरी लगभग 58 किमी) की ओर रवाना होंगे। खगड़िया, सहरसा व मधेपुरा के छोटे वाहनों को भी इसी मार्ग से राहत मिलेगी।
छोटे वाहनों को मस्जिद मोड़ से राहत
प्रशासन ने छोटे वाहनों के लिए भी सुगम व्यवस्था की है। मुंगेर तेलिया तालाब से रामनगर तक फोरलेन के दोनों ओर बने संपर्क पथ से गाड़ियां गुजरेंगी, जिससे अब वाहनों को नौवागढ़ी के संकरे मस्जिद मोड़ पर जाने की विवशता समाप्त हो गई है। पुराना नया रामनगर थाना के कंतपुर और काली स्थान से होकर वाहन सीधे बरियारपुर निकलेंगे। साथ ही बरियारपुर स्थित सोती पुल के पास भी वाहनों को नीचे उतरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे वहां जाम की समस्या नियंत्रित रहेगी।
एनएचएआई ने एप्रोच पथ किया दुरुस्त
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि वाहनों के बढ़ते दबाव को देखते हुए श्रीकृष्ण सेतु एप्रोच पथ की पूरी तरह से मरम्मत व कालीकरण करा दिया गया है। डायवर्सन वाले संवेदनशील स्थानों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, फोरलेन की केवल दो लेन चालू रहने के कारण पीक ऑवर्स में ट्रैफिक प्रबंधन की असली परीक्षा सड़क पर ही देखने को मिलेगी।
"विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन और श्रीकृष्ण सेतु पर वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए रूट का जायजा लिया गया है। तेलिया तालाब, नया रामनगर, बरियारपुर फोरलेन, बरियारपुर अंडरपास और तीनबटिया समेत पांच मुख्य स्थानों पर 30 ट्रैफिक जवानों की तैनाती की गई है। तीन शिफ्टों में जवान 24 घंटे मुस्तैद रहकर निर्बाध परिचालन सुनिश्चित कराएंगे।"
