आज रात से बंद होगा भागलपुर का विक्रमशिला सेतु! BRO की 80 सदस्यीय टीम हटाएगी बेली ब्रिज, 3 महीने में ऐसे बदलेगी सूरत
Vikramshila Setu Repair पूर्व बिहार की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु 30 सितंबर की मध्यरात्रि से तीन महीने के लिए वाहनों की ...और पढ़ें

Vikramshila Setu Repair भागलपुर में विक्रमशिला सेतु मरम्मत कार्य शुरू।
HighLights
विक्रमशिला सेतु 30 सितंबर से तीन माह के लिए बंद रहेगा।
बेली ब्रिज हटाने और चार स्पैन काटने का कार्य होगा।
गुवाहाटी-पटना के इंजीनियरों की टीम मरम्मत कार्य की निगरानी करेगी।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। Vikramshila Setu Repair पूर्व बिहार और सीमांचल की लाइफलाइन विक्रमशिला सेतु पर बुधवार, 30 सितंबर की मध्यरात्रि से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। सेतु के वृहद पुनर्स्थापन (रेस्टोरेशन) कार्य को लेकर गंगा ब्रिज टीओपी के समीप कड़े सुरक्षा घेरे में स्थायी बैरिकेडिंग की जा रही है। इस पुनर्स्थापन कार्य को पूरा करने में करीब तीन महीने का समय लगने का अनुमान है।
मरम्मत कार्य को गति देने के लिए पहुंच पथ और सेतु पर पोकलेन, हाइड्रा और क्रेन जैसी भारी निर्माण मशीनें पहुंचनी शुरू हो गई हैं। निर्माण सामग्रियों को पहुंच पथ स्थित महिला आईटीआई कॉलेज के निकट डंप किया गया है। निर्माण सामग्री और भारी मशीनों को कार्यस्थल तक सुगमता से पहुंचाने के लिए बुधवार रात 10:00 बजे से ही पहुंच पथ के बैरियर खोल दिए जाएंगे।
साथ ही फुटपाथ पर राहगीरों के लिए बने अस्थायी यात्री शेड हटा दिए गए हैं और चौबीसों घंटे काम जारी रखने के लिए हाई-मास्ट सोलर व स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की गई है।
विक्रमशिला सेतु पुनर्स्थापन: कार्ययोजना व तकनीकी चरण
बंदी का समय: 30 सितंबर (बुधवार) मध्यरात्रि से।
कार्य की अनुमानित अवधि: 3 महीने (लगभग 90 दिन)।
प्रारंभिक चरण (पहला सप्ताह): बीआरओ की 80 सदस्यीय टीम द्वारा बेली ब्रिज को खोलना व हटाना।
द्वितीय चरण (10 दिन): स्ट्रक्चरल जांच के बाद आधुनिक हेली कटर से 4 मुख्य स्पैन की कटिंग।
तृतीय चरण: नए स्टील गर्डर की लॉन्चिंग, डेक स्लैब ढलाई, पीसीसी और सभी स्पैन के बेयरिंग व एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलना।
लोड टेस्टिंग व क्षमता: काम पूरा होने पर 60-70 टन लोड से जांच होगी; इसके बाद 35-40 टन क्षमता वाले वाहनों का आवागमन सुचारू होगा।
BRO की 80 सदस्यीय टीम हटाएगी बेली ब्रिज
पुल पर बने अस्थायी बेली ब्रिज को सुरक्षित खोलने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की 80 सदस्यीय विशेष तकनीकी टीम भागलपुर पहुंच चुकी है। टीम ने कार्यस्थल का मुआयना कर तकनीकी तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, बेली ब्रिज को पूरी तरह हटाने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।
हेली कटर से कटेंगे चार स्पैन, पटना-गुवाहाटी के इंजीनियर तैनात
बेली ब्रिज हटने के उपरांत पूरे सुपर-स्ट्रक्चर की गहन तकनीकी जांच की जाएगी। इसके बाद आधुनिक हेली कटर मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त चार स्पैन को काटने में 10 दिन लगेंगे। स्पैन हटाने के बाद नए स्टील गर्डर, आरसीसी डेक स्लैब और पीसीसी ढलाई का काम किया जाएगा। इस जटिल कार्य के लिए गुवाहाटी और पटना के दीर्घ-सेतुओं पर काम कर चुके अनुभवी इंजीनियरों की विशेष टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
केमिकल नोजल से भरी जा रहीं दरारें, बदले जाएंगे बेयरिंग
कार्य शुरू होने से पहले सेतु के आंतरिक हिस्सों में आई दरारों को विशेष केमिकल नोजल ग्राउटिंग तकनीक से भरने और साफ-सफाई का कार्य अंतिम चरण में है। पुनर्स्थापन के दौरान सभी स्पैन के पुराने बेयरिंग और क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन ज्वाइंट पूरी तरह बदले जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, निर्माण पूर्ण होने के बाद सुरक्षा मानकों के तहत 60 से 70 टन भार वाले वाहनों को चलाकर सेतु की भार वहन क्षमता (लोड टेस्टिंग) परखी जाएगी। सफल परीक्षण के बाद सेतु पर 35 से 40 टन भार क्षमता वाले भारी वाहनों का नियमित परिचालन सुगम हो सकेगा।
