यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News: पैरेंट्स ने नहीं दिलाया iPhone, नाराज बेटी ने उठा लिया खौफनाक कदम
बिहार के मुंगेर से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। एक माता-पिता को अपनी बेटी को आईफोन नहीं ...और पढ़ें

HighLights
- जमालपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली है किशोरी
- पिता हैं श्रमिक, लड़की पिछले कई दिनों से आईफोन के लिए कर रही थी जिद
संवाद सहयोगी, मुंगेर। जिले से एक चौंका देने वाली घटना सामने आई है। आईफोन नहीं देने पर एक किशोरी ने सोमवार को ब्लेड से 19 जगहों पर अपना हाथ काट लिया।
गंभीर अवस्था में किशोरी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। पुलिस ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले में बयान दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार जमालपुर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले के निवासी मजदूर की पुत्री, जिसकी उम्र 17 वर्ष है, वह पिछले कई दिनों से अपने माता-पिता से आईफोन के लिए जिद कर रही थी।
मां करती है स्कूल में रसोइया का काम
लड़की की मां स्कूल में रसोइया का काम करती है। रसोइया की काम करने वाली लड़की की मां ने उसे महंगा फोन दिलाने में असमर्थता जताई। माता-पिता ने बेटी को 10 से 15 हजार रुपये तक का मोबाइल फोन लेने को कहा। लेकिन लड़की अपनी मां की यह बात नहीं मानी।
इस बात को लेकर मां और लड़की के बीच झगड़ा भी हो गया। इस बीच लड़की ने घर में रखे ब्लेड से अपना हाथ बुरी तरह से काट लिया। इसकी सूचना मिलने पर मां स्कूल से घर आई और बेटी को लेकर सदर अस्पताल पहुंची।
खतरे से बाहर है किशोरी की हालत
उसका इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ. अजय कुमार ने बताया कि किशोरी के बायें हाथ की कलाई पर ब्लेड से 19 स्थानों पर कटने का निशान है। किशोरी की हालत खतरे से बाहर है। अस्पताल में पुलिस ने भी लड़की का बयान दर्ज किया है।
पिछले साल भी हुई थी घटना
पिछले वर्ष भी इंटरनेट मीडिया पर एक 12 वर्षीय बच्चे का आईफोन खरीदते हुए वीडियो वायरल हुआ था। उसकी मां मंदिर में फूल बेचती है। आईफोन की जिद पकड़े बच्चे ने तीन दिनों तक खाना नहीं खाया। इसके बाद कर्ज लेकर उसकी मां ने उसे आईफोन दिलाया था।
एक वयस्क व्यक्ति के इस प्रकार के आचरण को बॉर्डरलाइन डिसऑर्डर कहते हैं। इसमें लोग अपने इमोशन पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं। खासकर महिलाओं में यह ज्यादा जटिल हो जाता है। - डॉ. ओम प्रकाश, सहायक प्राध्यापक मनौविज्ञान, एमयू
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