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तारापुर में श्रावणी मेले से पहले अतिक्रमण हटाने की तैयारी, सड़कों को खाली कराने के लिए हुई माइकिंग

Published: Wed, 15 Jul 2026 03:55 PM (IST)

श्रावणी मेला से 15 दिन पहले तारापुर नगर पंचायत ने सड़कों से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। हालांकि, ...और पढ़ें

अतिक्रमण हटाने की तैयारी

अतिक्रमण हटाने की तैयारी

संवाद सहयोगी, तारापुर (मुंगेर)। श्रावणी मेला शुरू होने में अब केवल 15 दिन शेष हैं। सुल्तानगंज से बाबाधाम जाने वाले हजारों कांवरियों और वाहनों का प्रमुख मार्ग होने के कारण तारापुर की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ना तय है। 

ऐसे में नगर पंचायत ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाने की कवायद शुरू की है, लेकिन पिछले अभियानों के नतीजे देखते हुए इसकी सफलता पर सवाल उठने लगे हैं।

मुख्य मार्ग पर दुकान नहीं लगाने की अपील

एसडीओ राकेश रंजन कुमार के निर्देश पर नगर पंचायत ने मंगलवार को टोटो के माध्यम से पूरे शहर में माइकिंग कर फल, सब्जी एवं ठेला विक्रेताओं से मुख्य मार्ग पर दुकान नहीं लगाने की अपील की। सड़क किनारे दुकान लगाने वालों को धौनी पुल के उस पार निर्धारित स्थल पर ठेला लगाने का निर्देश दिया गया। 

साथ ही टोटो चालकों को चौक और मुख्य सड़क पर वाहन खड़ा नहीं करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, सामान जब्त करने और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कई बार अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया

हालांकि नगर पंचायत की यह चेतावनी नई नहीं है। इससे पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया, जुर्माना वसूला गया और सड़क खाली कराई गई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद फिर पुरानी स्थिति लौट आई। नतीजा यह है कि आम दिनों में भी शहर की मुख्य सड़कें जाम से जूझती रहती हैं।

नगर पंचायत की चेतावनी का असर भी जमीन पर नहीं दिख रहा है। तारापुर हाट में प्रवेश करने वाले मार्ग पर केसरी वस्त्रालय के सामने आज भी सड़क से सटाकर सब्जी की दुकानें लग रही हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। 

वहीं छत्रहार मोड़ पर पर्याप्त जगह उपलब्ध रहने के बावजूद टोटो चालक मोड़ पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। 

माइकिंग और चेतावनी से व्यवस्था में सुधार संभव नहीं 

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई नहीं होगी, तब तक केवल माइकिंग और चेतावनी से व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।

श्रावणी मेला के दौरान वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ने वाली है। ऐसे में यदि अतिक्रमण और अव्यवस्थित टोटो परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो शहर में जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। अब देखना यह होगा कि इस बार नगर पंचायत का अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या फिर सड़कें वास्तव में अतिक्रमण मुक्त हो पाती हैं।

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