दक्षिणी मुंगेर को मिलेगी नई रफ्तार, 15 KM नई सड़क से घटेंगी दूरियां; 17 से अधिक गांवों को सीधा फायदा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दक्षिणी मुंगेर में 15 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना का शिलान्यास किया, जिस पर 58.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

दक्षिणी मुंगेर को 58 करोड़ की सौगात। (जागरण)
HighLights
15 किमी सड़क परियोजना पर 58.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
दक्षिणी मुंगेर की कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार और विकल्प।
बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच होगी आसान।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। जिले के दक्षिणी मुंगेर क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चार दिन पूर्व शिलान्यास किया।
लखनपुर पानी टंकी से सरौन, मकवा, नवटोलिया, मुजफ्फरगंज, खंडबिहारी, भूसीचक-बौखरा होते हुए भोमासी पुल तक सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण पर 58.01 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सड़क निर्माण पूरा होने के बाद यह मार्ग दक्षिणी मुंगेर के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक कनेक्टिविटी कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा।
इससे असरगंज, हवेली खड़गपुर और तारापुर क्षेत्र के बीच आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। परियोजना की खासियत यह है कि सड़क दोनों ओर प्रमुख मार्गों से सीधे जुड़ेगी। लखनपुर पानी टंकी के पास यह अजगैबीनाथ-तारापुर मुख्य पथ से जुड़ेगी, जबकि दूसरी ओर भोमासी पुल के समीप बरियारपुर-खड़गपुर मुख्य पथ में मिलेगी।
इससे रास्ते में पड़ने वाले कई ग्रामीण इलाकों को प्रमुख सड़क नेटवर्क से सीधा संपर्क मिलेगा। नई सड़क से दूरी के साथ सफर का समय भी घटने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों के लिए बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार केंद्रों तक पहुंच आसान होगी। परियोजना पूरी होने पर दक्षिणी मुंगेर की सड़क व्यवस्था को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा।
सड़क से मिलेगा बेहतर विकल्प
यह सड़क वर्तमान खड़गपुर-तारापुर मुख्य पथ का पूर्ण विकल्प नहीं, बल्कि उसका महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग बनेगी। स्थानीय और क्षेत्रीय यातायात के इस मार्ग पर स्थानांतरित होने से खड़गपुर-तारापुर सड़क पर दबाव कम होने की संभावना है।
हालांकि, यातायात में कितनी प्रतिशत कमी आएगी, इसका वास्तविक आकलन सड़क चालू होने के बाद ट्रैफिक सर्वे से ही संभव होगा।
भविष्य में अजगैबीनाथ धाम क्षेत्र में प्रस्तावित एयरपोर्ट विकसित होने पर यह मार्ग दक्षिणी मुंगेर को वहां की कनेक्टिविटी से जोड़ने में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
बाढ़ जैसी आपदा के समय वैकल्पिक सड़क नेटवर्क के रूप में इसका महत्व और बढ़ जाएगा। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की गई यह परियोजना सिर्फ 15 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण की योजना नहीं, बल्कि दक्षिणी मुंगेर में आवागमन का नया विकल्प तैयार करने वाली परियोजना है।
इसके पूरा होने से असरगंज-मकवा से लेकर खड़गपुर-तारापुर क्षेत्र तक सड़क संपर्क मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बाजार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को गति मिलने की उम्मीद है।
इन गांवों को सीधा फायदा
सड़क से मुढ़ेरी, गोपालपुर, प्रसंडो, रतैठा, केंदुआ, किशनपुर, सोनमनीचक, लक्ष्मीपुर, खरबा, गोनई, साढ़ी, मुस्कीपुर, लखनपुर, अमैया, चोरगांव, धपरी और दुलहर समेत अनेक गांवों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।
सड़क चौड़ी और मजबूत होने से ग्रामीणों को प्रखंड व जिला मुख्यालय तक पहुंचने में सहूलियत होगी। किसानों को कृषि उत्पाद बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कालेज जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी।
जिला मुख्यालय से कम होगी दूरी
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ असरगंज क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। सड़क तैयार होने के बाद असरगंज और आसपास के लोगों के लिए मुंगेर आने-जाने का एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।
इससे क्षेत्र के लोगों की सुल्तानगंज की दिशा में निर्भरता कम हो सकती है और खड़गपुर होकर मुंगेर पहुंचने का मार्ग अधिक सुविधाजनक बन सकता है। सात से आठ किमी की दूरी कम होगी।
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