मुंगेर: चार दशक बाद शुरू होगी 196.89 करोड़ की सिंधवारिणी जलाशय योजना, 14 पंचायतों के खेतों को मिलेगा पानी
मुंगेर की चार दशक से लंबित सिंधवारिणी जलाशय योजना को अब 2027 तक पूरा करने की कवायद तेज हो गई ...और पढ़ें

14 पंचायतों के खेतों को मिलेगा पानी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
चार दशक बाद सिंधवारिणी जलाशय योजना का पुनरुद्धार।
14 पंचायतों की 1700 हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई।
किसानों को फ्लोराइड मुक्त पानी, फसल उत्पादन में वृद्धि।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। चार दशक से अधर में लटकी सिंधवारिणी जलाशय योजना के धरातल पर उतरने की कवायद तेज होने से किसानों की उम्मीदें जग गई हैं। करीब 196.89 करोड़ रुपये की इस परियोजना से खड़गपुर झील का पानी खेतों तक पहुंचेगा। इसके तहत डैम, स्पिलवे और हाई लेवल कैनाल का निर्माण होगा।
योजना पूरी होने पर खड़गपुर , टेटिया बंबर और संग्रामपुर प्रखंड की 14 पंचायतों के करीब 1700 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
बताते चलें कि इस परियोजना की शुरुआत 1980 में 15.67 करोड़ में हुई थी लेकिन तकनीकी कारणों से 1982 में बंद कर दिया गया। 2005 में दोबारा शुरू हुई, लेकिन वन और सिंचाई विभाग की खींचतान में 2006 फिर यह आगे नहीं बढ़ पाई। अब फिर से सरकार ने पूरी बाधाओं को दूर करते हुए परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर कवायद तेज कर दी है।
फ्लोराइड से मिलेगी मुक्ति
इस परियोजना के शुरू होने से फ्लोराइड युक्त पानी से सिंचाई की निर्भरता से मुक्ति मिलेगी। मिट्टी की गुणवत्ता और फसल उत्पादन में वृद्धि आएगी । जलाशय के माध्यम झील के पानी खेतों तक पहुंचने से वर्षा पर निर्भरता कम होगी। धान, गेहूं, मक्का और सब्जियों की खेती के लिए झील का पानी संजीवनी बनेगा। सिंचाई की सुविधा बढ़ने से किसान एक से अधिक फसल भी उगा सकते हैं।
चार दशक से अधूरी , 2027 में पूरा करने का लक्ष्य
1980 में 15.67 करोड़ की लागत से शुरू परियोजना 1982 में तकनीकी खामी से बंद हो गई। 2005 में दोबारा शुरू हुई, लेकिन वन और सिंचाई विभाग की खींचतान में 2006 में फिर अटक गई। अब वन विभाग की एनओसी मिलने के बाद 2027 तक पूरा करने की पहल शुरू हुई है। नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू हो गया है।
9.66 किलोमीटर लंबी होगी मुख्य नहर
परियोजना के तहत 9.66 किलोमीटर लंबी उच्चस्तरीय मुख्य नहर बनने के बाद हवेली खड़गपुर प्रखंड की रमनकाबाद पूर्वी, रमनकाबाद पश्चिमी, मुरादे, मंझगांय के अलावा गंगटा पंचायत के कुछ गांव के किसान लाभांवित होंगे। वहीं टेटिया बम्बर प्रखंड की बनहरा पंचायत के किसान लाभांवित होंगे।
योजना निर्धारित समय सीमा में पूरी हो तथा इसका लाभ किसानों तक पहुंच सके इसके लिए इसे लेकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए संबंधित को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप पूरा कराया जाएगा। अनावश्यक विलंब या लापरवाही सामने आने पर संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों की नियमित निगरानी का निर्देश दिया गया है। - निखिल धनराज निप्पाणीकर, जिलाधिकारी, मुंगेर
किसानों की सुने
नहर से खेतों तक पानी पहुंचने पर वर्षा पर निर्भरता कम होगी। इससे धान के साथ रबी फसलों की खेती भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। यह किसान हित में बेहतर कदम है। - विभाष सिंह
पानी की कमी के कारण कई बार फसल प्रभावित होती है। योजना से कई हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि तक पानी पहुंचने से किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है। - अरविंद कुमार साह
जलाशय योजना को और बढ़ा दिया जाय तो गंगटा और दरियापुर टू, केशौली, नोनाजी सहित अन्य पंचायत के किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। - राम निवास सिंह
किसानों को खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए अतिरिक्त खर्च और परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। समय पर सिंचाई मिलने से फसल उत्पादन बढ़ेगा और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। - सूरज कुमार
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