श्रीकृष्ण सेतु पर अचानक बढ़े 2500 वाहन, विक्रमशिला पुल बंदी के बाद टोल प्लाजा पर लगा रेला, फिर भी रफ्तार सामान्य
विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर वाहनों का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु टोल प्लाजा पर बढ़ी वाहनों की संख्या और सुचारू निकलता ट्रैफिक
HighLights
विक्रमशिला सेतु बंद होने से श्रीकृष्ण सेतु पर ट्रैफिक बढ़ा।
प्रतिदिन लगभग 2,500 अतिरिक्त वाहन मुंगेर से गुजर रहे हैं।
बढ़े दबाव के बावजूद श्रीकृष्ण सेतु पर यातायात सामान्य है।
संवाद सहयोगी, जागरण, मुंगेर। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन बंद होने का सीधा और बड़ा असर मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु पर दिखने लगा है। उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल की ओर जाने वाले वाहनों के डायवर्ट होते ही श्रीकृष्ण सेतु पर गाड़ियों का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है।
श्रीकृष्ण सेतु टोल प्लाजा के प्रबंधक राहुल सिंह ने बताया कि 30 सितंबर तक इस मार्ग से प्रतिदिन औसतन 5,200 से 5,500 वाहन ही गुजरते थे। लेकिन विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद अब यह संख्या बढ़कर 7,600 से 7,800 प्रतिदिन पहुंच गई है। यानी रोजाना लगभग ढाई हजार अतिरिक्त वाहन मुंगेर के रास्ते गंगा पार कर रहे हैं।
वाहनों की संख्या बढ़ी, लेकिन थमी नहीं रफ्तार
विक्रमशिला सेतु बंद होने के दूसरे दिन शुक्रवार को भी श्रीकृष्ण सेतु पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों का भारी प्रवाह देखा गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि भारी ट्रैफिक लोड के बावजूद मुंगेर की सड़कों पर रफ्तार की गति नहीं थमी। श्रीकृष्ण सेतु और निर्माणाधीन मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर वाहनों की आवाजाही लगातार सुचारू बनी रही।
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मुंगेर टोल प्लाजा: आंकड़ों में ट्रैफिक का उछाल
30 सितंबर से पहले की स्थिति: औसतन 5,200 से 5,500 वाहन प्रतिदिन।
पुल बंदी के बाद की स्थिति: औसतन 7,600 से 7,800 वाहन प्रतिदिन।
दैनिक बढ़ोतरी: लगभग 2,300 से 2,500 अतिरिक्त वाहन।
ट्रैफिक संरचना: व्यावसायिक वाहनों के साथ-साथ निजी छोटी कारों (कार/एसयूवी) की संख्या अधिक।
जमीनी स्थिति: वाहनों का दबाव बढ़ने के बावजूद श्रीकृष्ण सेतु, एप्रोच पथ और एनएच-80 पर परिचालन सामान्य।
यातायात अधिकारियों के अनुसार, डायवर्टेड रूट पर लंबी दूरी के भारी ट्रकों की तुलना में छोटी कारों और हल्के यात्री वाहनों की संख्या अधिक है। छोटी गाड़ियों की गतिशीलता बेहतर होने के कारण एनएच-80 अथवा निर्माणाधीन फोरलेन के संकरे हिस्सों में भी वाहनों की लंबी कतारें नहीं लगीं और ट्रैफिक बिना रुकावट आगे बढ़ता रहा।
उत्तर बिहार व सीमांचल के लिए मुंगेर बना मुख्य लाइफलाइन
गौरतलब है कि बुधवार की आधी रात (12 बजे) से विक्रमशिला सेतु के चार महीने के मेगा ब्लॉक में जाते ही दक्षिण बिहार और झारखंड का उत्तर बिहार से सीधा सड़क संपर्क कट गया है। ऐसे में भागलपुर, बांका, जमुई और झारखंड के विभिन्न जिलों से खगड़िया, बेगूसराय, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया की ओर जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों का पूरा भार अब श्रीकृष्ण सेतु और मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर आ गया है।
शुरुआती दो दिनों में प्रशासन की मुस्तैदी और चौराहों पर तैनात पुलिस बल के चलते व्यवस्था नियंत्रण में रही है। हालांकि, टोल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन का मानना है कि आने वाले त्योहारी सीजन में दुर्गापूजा और छठ के दौरान वाहनों का यह दबाव 10 हजार के पार भी जा सकता है, जिसके लिए अतिरिक्त लेन और प्रबंधन की तैयारी की जा रही है।
