मुंगेर बना उत्तर बिहार का नया गेटवे! श्रीकृष्ण सेतु पर बढ़ा ट्रैफिक, तीखे डायवर्सन के बीच पहले दिन All is Well
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल का सारा ट्रैफिक अब मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु और पहुंच पथ पर रफ्तार भरते छोटे-बड़े वाहन
HighLights
विक्रमशिला सेतु बंद होने से मुंगेर पर बढ़ा यातायात का भार।
श्रीकृष्ण सेतु और निर्माणाधीन फोरलेन से गुजर रहे सभी वाहन।
पहले दिन यातायात सुगम रहा, पर भविष्य में जाम का खतरा।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन बुधवार की रात 12 बजे से पूरी तरह ठप होते ही उत्तर बिहार और कोसी-सीमांचल जाने वाले ट्रैफिक का सारा दारोमदार अब मुंगेर के श्रीकृष्ण सेतु और निर्माणाधीन मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन पर आ गया है।
पुल बंदी के पहले दिन गुरुवार को मुंगेर की सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही में अप्रत्याशित वृद्धि साफ नजर आई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि व्यापक प्रशासनिक चौकसी के चलते न तो एनएच-80 पर जाम के हालात बने और न ही निर्माणाधीन फोरलेन पर वाहनों की लंबी कतारें लगीं।
भागलपुर, बांका, जमुई और झारखंड से खगड़िया, बेगूसराय, सहरसा, पूर्णिया व उत्तर बिहार के अन्य जिलों की ओर जाने वाली बसें, भारी ट्रक और निजी गाड़ियां अब मुंगेर के रास्ते श्रीकृष्ण सेतु होकर गुजर रही हैं।
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डायवर्सन से थमी गाड़ियों की रफ्तार, पर थमे नहीं पहिए
विक्रमशिला सेतु बंदी के जमीनी प्रभाव का आकलन करने के लिए गुरुवार को जागरण की टीम ने श्रीकृष्ण सेतु से लेकर बरियारपुर तक करीब 25 किलोमीटर लंबी सड़क की पड़ताल की। पुल पार करते ही छोटे-बड़े व्यावसायिक वाहनों का लगातार रेला नजर आया।
चूंकि मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन अभी पूरी तरह बनकर तैयार नहीं हुआ है, इसलिए कई हिस्सों में दोनों दिशाओं का यातायात केवल एक ही लेन के सहारे संचालित किया जा रहा है।
मार्ग में जगह-जगह बने तीखे डायवर्सन के कारण वाहनों की रफ्तार जरूर धीमी पड़ी, लेकिन कहीं भी पहिए पूरी तरह नहीं थमे। चालकों को डायवर्सन वाले संकरे हिस्सों में आमने-सामने से आ रहे वाहनों से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
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आने वाले दिनों में बढ़ेगा दबाव, प्रशासन के लिए असली इम्तिहान बाकी
पहले दिन भले ही यातायात सुगम रहा हो, लेकिन आने वाले दिनों में जैसे-जैसे रूट की जानकारी फैलेगी, वाहनों का दबाव कई गुना और बढ़ना तय है। ऐसे में निर्माणाधीन फोरलेन के सिंगल लेन वाले हिस्से में किसी भी भारी वाहन के खराब होने या दुर्घटनाग्रस्त होने की स्थिति में भीषण जाम का खतरा मंडरा रहा है।
मुंगेर डायवर्जन रूट: ग्राउंड रियलिटी एक नजर में
डायवर्टेड ट्रैफिक का दायरा: भागलपुर, बांका, जमुई और झारखंड से उत्तर बिहार एवं कोसी-सीमांचल जाने वाले सभी वाहन।
वैकल्पिक लाइफलाइन: मुंगेर का श्रीकृष्ण सेतु $\rightarrow$ एनएच-80 $\rightarrow$ निर्माणाधीन मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन।
पड़ताल का दायरा: श्रीकृष्ण सेतु से बरियारपुर (करीब 25 किलोमीटर)।
जमीनी स्थिति: वाहनों की संख्या दोगुनी हुई, लेकिन एनएच-80 पर जाम नहीं लगा।
मुख्य अड़चन: फोरलेन का अधूरा निर्माण, कई जगह एक ही लेन चालू और तीखे डायवर्सन से रफ्तार धीमी।
संभावित जोखिम: सिंगल लेन पर किसी वाहन के खराब होने या दुर्घटनाग्रस्त होने पर भीषण जाम का अंदेशा।
इधर, मुंगेर जिला प्रशासन का दावा है कि विक्रमशिला सेतु बंदी के मद्देनजर श्रीकृष्ण सेतु से घोरघट तक की यातायात सुरक्षा योजना पूरी तरह चाक-चौबंद है। संवेदनशील मोड़ों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस व ट्रैफिक जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस पेट्रोलिंग लगातार जारी रहेगी ताकि मुसाफिरों को किसी तरह की असुविधा न हो।
