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रेलवे कर्मचारियों के बोनस पर संग्राम! 17951 की पुरानी सीलिंग का विरोध, ₹46 हजार से अधिक भुगतान की मांग

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:43 PM (IST)

Railway Productivity Linked Bonus 2026: रेलवे कर्मचारी उत्पादकता लिंक्ड बोनस (पीएलबी) की पुरानी गणना प्रणाली का विरोध कर रहे हैं। ...और पढ़ें

Railway Productivity Linked Bonus 2026: बैठक में बनी रणनीत‍ि

Railway Productivity Linked Bonus 2026: बैठक में बनी रणनीत‍ि

HighLights

  1. रेलवे कर्मचारी पुरानी बोनस गणना प्रणाली का विरोध कर रहे हैं।

  2. वे ₹18,000 बेसिक पर ₹46,159 बोनस की मांग कर रहे हैं।

  3. वर्तमान में ₹17,951 बोनस 10 साल से यथावत है।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। Railway Productivity Linked Bonus 2026: दुर्गा पूजा और त्योहारी सीजन से ठीक पहले रेलवे कर्मचारियों के उत्पादकता लिंक्ड बोनस (पीएलबी) की गणना व्यवस्था को लेकर कर्मचारी संगठनों ने एक बार फिर जोरदार तरीके से आवाज बुलंद की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि छठे वेतन आयोग के दौर में निर्धारित सात हजार रुपये की पुरानी सीलिंग के आधार पर बोनस की गणना करना अब कर्मचारियों के साथ सरासर अन्याय है।

संगठनों ने पुरजोर मांग की है कि मौजूदा 7वें वेतन आयोग की न्यूनतम संरचना के अनुरूप बोनस की गणना 18 हजार रुपये बेसिक के आधार पर की जाए। इस अहम मांग को लेकर मंगलवार को जमालपुर रेल कारखाने में ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन शाखा के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुरानी व्यवस्था को लेकर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया।

10 वर्षों से ₹17951 पर ही सिमटा रेलवे बोनस

ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा के हवाले से कर्मचारी नेताओं ने बताया कि करीब एक दशक से रेलवे कर्मचारियों को न्यूनतम 17,951 रुपये ही बोनस के तौर पर मिल रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि इस लंबी अवधि में कर्मचारियों के वेतन ढांचे और कार्यभार में कई गुणा वृद्धि और बदलाव हुए, परंतु बोनस की गणना सीमा (सीलिंग) में कोई संशोधन नहीं किया गया, जिसके कारण कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कोल और सेल से तुलना कर गिनाया बड़ा अंतर

बैठक में कर्मचारी संगठनों ने कोल इंडिया और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस का तुलनात्मक आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए रेलवे बोर्ड की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि वर्ष 2016 में कोल और सेल के कर्मचारियों को लगभग 54 हजार रुपये बोनस मिलता था, जबकि रेल कर्मियों को 17,951 रुपये दिए गए थे। वहीं वर्ष 2025 में कोल और सेल का बोनस बढ़कर करीब 1.03 लाख रुपये तक पहुंच गया, लेकिन कठिन परिस्थितियों में 24 घंटे सेवा देने वाले रेल कर्मचारियों का बोनस जस का तस 17,951 रुपये पर ही अटका रहा।

रेलवे बोनस (PLB) विवाद

  • वर्तमान बोनस राशि: ₹17,951 (करीब 10 वर्षों से यथावत)।

  • वर्तमान गणना आधार: छठे वेतन आयोग के समय तय ₹7,000 की सीलिंग।

  • कर्मचारी संगठनों की मांग: 7वें वेतन आयोग के न्यूनतम बेसिक ₹18,000 के आधार पर गणना।

  • मांग के अनुसार संभावित बोनस: ₹46,159 प्रति कर्मचारी।

  • तुलनात्मक अंतर:

    • 2016: कोल-सेल कर्मचारियों को ₹54,000 | रेलवे कर्मचारियों को ₹17,951

    • 2025: कोल-सेल कर्मचारियों को ₹1.03 लाख | रेलवे कर्मचारियों को ₹17,951

  • वार्ता स्तर: रेल मंत्रालय और ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) के बीच बैठकों का दौर जारी।

₹18 हजार बेसिक पर बने 46,159 रुपये बोनस

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल संयोजक अमर सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार कर्मचारियों की मांग के अनुसार 18 हजार रुपये बेसिक के आधार पर बोनस की गणना करती है, तो प्रत्येक रेलकर्मी को लगभग 46,159 रुपये का न्यायसंगत बोनस मिलना चाहिए। भारतीय रेलवे मजदूर संघ (बीआरएमएस) ने भी इस सीलिंग को तुरंत बढ़ाने की वकालत की है।

मंत्रालय से संवाद जारी

एआईआरएफ महामंत्री के अनुसार, इस विसंगति को दूर करने के लिए रेल मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के साथ निरंतर बैठकें हो रही हैं। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी कर्मचारियों की जायज मांगों पर संवाद बनाए रखने और सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया है।

जमालपुर में आयोजित इस बैठक में शाखा अध्यक्ष कमोज कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष राहुल रमण, उपाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह, अभिमन्यु पासवान, मु. रिजवान आलम, पूनम सोरेन, अमित कुमार राय और शाखा सचिव परमानंद कुमार सहित बड़ी संख्या में यूनियन पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

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