मुंगेर । ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन कारखाना शाखा एवं ओपन लाइन शाखा डीजल शेड में रेल निजीकरण के खिलाफ यूनियन नेता के साथ मिलकर रेल कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कारखाना शाखा के अध्यक्ष विश्वजीत कुमार एवं शाखा सचिव मनोज कुमार ने कहा कि सरकार रेल का निजीकरण कर मजदूरों के पेट पर लात मार रही है। जब तक हम एकजुट होकर इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक सरकार अपनी मनमानी करते रहेगी। केंद्रीय उपाध्यक्ष सत्यजीत कुमार ने कहा कि भारतीय रेल देश की धरोहर है। इसे किसी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा। एआईआरएफ के आह्वान पर मेंस यूनियन हर तरह की लड़ाई लड़ने को तैयार है। संयुक्त शाखा सचिव ओम प्रकाश साव ने कहा कि भारतीय रेल देश का जीवन रेखा है। केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हाथ रेल को सौंपने की साजिश कर रही है। यह रेल एवं मजदूर विरोधी नीति है, जिससे देश का कभी भला नहीं हो सकता। इस अवसर पर वीरेंद्र यादव, मोहम्मद बहुद्दीन, शैलेंद्र कुमार, केएन विश्वास, एसके सिंह, टुनटुन ठाकुर, ज्योतिष कुमार, अर्जुन सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, विपिन सिंह, रंजीत कुमार सिंह, अभिषेक, धर्मवीर सहित सैकड़ों रेल कर्मी शामिल थे। वही दूसरी ओर डीजल सेट कारखाना में शाखा सचिव केडी यादव के नेतृत्व में रेल कर्मियों ने काला छाता लेकर पूरे शेड में घूम घूम कर रेल निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन कर रेल कर्मियों को जागरूक किया। इस दौरान शाखा सचिव केडी यादव ने कहां रेल सरकार द्वारा रेलवे के 109 रूटों पर 151 ट्रेन प्राइवेट कंपनी को संचालन के लिए दिया जा रहा है। इन्हीं सवालों को लेकर ऑल इंडिया में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से एसडी मंडल, नीतू देवी, राज बिहारी राय, सुबोध कुमार, राजेश कुमार, सुभाष चंद्र पाठक गोपाल प्रसाद, नागेश्वर मरांडी, प्रमोद प्रसाद रंजन, एवं अरविद कुमार शामिल थे।

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