गणित अब सिर्फ अंकों का खेल नहीं, रोबोटिक्स से अंतरिक्ष तक बढ़ेगा दायरा; मुंगेर यूनिवर्सिटी में हुआ मंथन
मुंगेर विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गणित अधिवेशन संपन्न हुआ, जिसमें गणित की भूमिका रोबोटिक्स, वैज्ञानिक संगणना और अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ने पर जोर दिया गया।

मुंगेर विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गणित अधिवेशन। फोटो जागरण
HighLights
गणित का रोबोटिक्स, अंतरिक्ष विज्ञान में बढ़ेगा दायरा।
फजी मैथमेटिक्स, सेलेस्टियल मैकेनिक्स पर गहन चर्चा हुई।
गणितीय शोध को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर बल।
जागरण संवाददाता, मुंगेर। गणित अब केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोबोटिक्स, वैज्ञानिक संगणना और अंतरिक्ष विज्ञान जैसी आधुनिक तकनीकों के विकास में भी इसकी भूमिका बढ़ेगी।
शोध की नई संभावनाओं और गणित के व्यावहारिक उपयोग को लेकर मुंगेर विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गणित अधिवेशन शनिवार को संपन्न हो गया।
मैथमेटिक्स एंड साइंटिफिक कंप्यूटिंग-2026 में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। अधिवेशन का मुख्य निष्कर्ष रहा कि गणितीय शोध को आधुनिक तकनीक और वास्तविक समस्याओं के समाधान से जोड़ना समय की जरूरत है।
दूसरे दिन आयोजित तकनीकी सत्रों में फजी मैथेमेटिक्स, रोबोटिक्स और सेलेस्टियल मेकेनिक्स पर विशेष चर्चा हुई। मगध विश्वविद्यालय के पीजी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोरंजन सिंह ने फजी मैथेमेटिक्स की अवधारणा और शोध की संभावनाएं बताईं।
विशेषज्ञों ने इस क्षेत्र में अनिश्चित परिस्थितियों के विश्लेषण और वैज्ञानिक गणना में गणित की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। आइआइटी-आइएसएम धनबाद के डॉ. अरुण दयाल उदय ने रोबोटिक्स के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
इससे गणित, कंप्यूटर विज्ञान और स्वचालित तकनीक के बीच बढ़ते संबंधों को समझने का अवसर मिला। तीसरे सत्र में सिद्धू-कान्हू विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डीएन गोरेन ने सेलेस्टियल मेकेनिक्स पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने आर्यभट्ट, टालेमी और केपलर के सिद्धांतों के माध्यम से खगोलीय गणनाओं और इस क्षेत्र में शोध की संभावनाओं को रेखांकित किया। प्रो. रफीकुल हसन ने कोपरनिकस और गैलीलियो के योगदान की चर्चा की।
लंदन के यार्क विश्वविद्यालय के डॉ. मनीष चौहान और उत्तरी अमेरिका के बृजमोहन ने आनलाइन व्याख्यान दिया। समापन पर संयोजक सह पीजी गणित विभागाध्यक्ष डॉ. अमर कुमार ने अतिथियों और सहयोगी संस्थानों के प्रति आभार जताया। आरडी एंड डीजे कालेज के प्राचार्य प्रो. बिजेंद्र कुमार सहित विभिन्न सत्रों के अध्यक्ष मौजूद रहे। संचालन डॉ. निलयश्री ने किया।